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टीबी के मरीजों को 6 माह से नहीं मिला पोषण आहार

3 वर्ष पहले
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टीबी पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को पोषण आहार देने की योजना बनाई थी। इसके तहत 6 महीने पहले करीब 1600 मरीजों के लिए पैकेट भेजे गए थे।

इसे मरीजों को उनकी जरूरत के हिसाब से दे दिया गया लेकिन पिछले 6 महीने से यह आहार मरीजों को नहीं मिला है। मुफ्त में मिलने वाले इस पोषण आहार को लेकर मरीज और उनके परिजन पीएचसी, सीएचसी और जिला हॉस्पिटल के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिल रही है। इस पैकेट को लेने में सबसे अधिक परेशानी जगदलपुर ब्लाक के रहने वाले लोगों को हो रही है। नानगुर और आड़ावाल स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे कई मरीजों ने बताया कि उन्हें नवंबर में एक पैकेट पोषण आहार मिला था।

उस समय टीबी विभाग के अधिकारियों ने इसे हर महीने देने की बात कही थी लेकिन पिछले कई दिनों से इस आहार को लेने के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके हमें अब तक यह आहार नहीं मिला है। गौरतलब है कि जिले में इस समय 1900 लोग टीबी के शिकार हैं। इनमें अधिकतर मरीज जगदलपुर ब्लाक के हैं। टीबी से पीड़ितों में अधिकतर की उम्र 35-50 साल के बीच है।

लापरवाही

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योजना के तहत मरीजों को 1 किलो मूंगफली का तेल, दूध का पैकेट दिया जाना था

क्षय रोगियों को पोषण आहार देकर टीबी पर नियंत्रण पाने वाले राज्यों में छग पहला राज्य बन गया था। योजना के तहत टीबी के मरीजों को एक किलो मूंगफली का तेल, डेढ़ किलो मूंगफली और एक किलाे दूध का पैकेट दिया जाना था। टीबी से बचाव के लिए डा‌ट्स द्वारा उपचार किया जा रहा है। दूसरी आेर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने रोगी को अतिरिक्त पोषण देने के लिए पोषण आहार दिया जा रहा था जो अब बंद हो चुका है।

लेटलतीफी की कोई शिकायत नहीं मिली है

जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. पीएल मेरिया ने कहा कि मरीजों के लिए आने वाला पोषण आहार रायपुर से ही नहीं पहुंचा है जिसके चलते यह योजना अब तक बंद पड़ी है। मरीजों को पोषण आहार दिए जाने से उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा था। आने वाले दिनो में उनके स्वास्थ्य में सुधार हो इसके लिए उनके खाते में 500 रुपए जमा करवाए जाएंगे। इस योजना पर काम किया जा रहा है। इस काम में लेटलतीफी होने की शिकायत नहीं मिली है।

पैकेट बांटने में भी हुई बंदरबांट

2017 में संचालित इस याेजना के पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग को 2352 पैकेट सीजीएमएससी द्वारा सप्लाई किया गया था। इस योजना में हर मरीज को उसकी बीमारी के हिसाब से यह पैकेट देना था लेकिन इसमें भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अनदेखी की। इसके चलते कई मरीज 2 से 3 महीने का पोषण अाहार अपने साथ ले गए तो कुछ मरीजों को यह पोषण आहार केवल एक महीने के लिए मिला। इसके अलावा कुछ मरीजों को यह मिला ही नहीं।

500 देने की योजना पर नहीं हो रहा काम

पोषण आहार वितरण के बाद भी टीबी के मरीजों को पोषण आहार लेने में कोई परेशानी न हो इसके लिए उन्हें हर महीने 500 रुपए देने की योजना बनाई गई है लेकिन इस योजना पर भी अब तक काम उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाया है। खाते में जमा होने वाले इस पैसे को लेकर अब तक स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के बैंक एकाउंट नंबर से लेकर उनके आधार कार्ड की सीडिंग का काम केवल 43 फीसदी ही पूरा किया है। बाकी के मरीजों के आधार की सीडिंग कब तक पूरी हो पाएगी अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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