पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • औषधीय पौधों की खेती से किसान कमा सकेंगे 30 हजार एकड़

औषधीय पौधों की खेती से किसान कमा सकेंगे 30 हजार एकड़

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बस्तर जिले में औषधीय पौधों पामारोजा, लेमनग्रास और खस की खेती के लिए मौसम और मिट्‌टी अनुकूल हैं। यहां के किसान इन फसलों की खेती कर प्रति एकड़ 30 -40 हजार रुपए कमाई कर सकते हैं। इस काम के लिए किसानों का बीज से लेकर खाद और अन्य सामग्री दी जाएगी।

यह बात बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सी मैप सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने कही। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर इंडिया के प्रोजेक्टर के तहत इस समय ओडिशा के कोरापुट और कोंडागांव जिले में औषधीय पौधों की खेती की जा रही है, जिसका रिस्पांस काफी अच्छा मिल रहा है।

पादप वैज्ञानिक संजय कुमार और आरके श्रीवास्तव ने कहा कि कोंडागांव जिले में इस समय लेमनग्रास और पामोरोजा की खेती को प्रयोग के तौर पर 15 किसानों द्वारा की गई थी जिसका उत्पादन काफी अच्छा हुआ है। बस्तर के चपका और अन्य गांवों के किसानों को इस खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे औषधी पौधों की खेती कर इसका फायदा ले सकें। वैज्ञानिकों ने पहले साल खेती करने वाले किसानों को बीज के साथ ही अन्य सामग्री मुफ्त दी जाएगी। इसके अलावा किसानों को इन पौधों से निकलने वाले तेलों को बेचने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। वैज्ञानिकों ने कहा कि नेशनल एरोमा मिशन के तहत बस्तर में औषधीय पौधों की खेती को विकसित करने के लिए योजना बनाई है, जिसका लाभ आने वाले सालों में किसानों को मिलेगा।

अच्छी पहल

नेशनल एरोमा मिशन की पहल, बस्तर जिले में औषधीय पौधों पामारोजा, लेमनग्रास और खस की खेती के लिए मौसम और मिट्‌टी अनुकूल

जगदलपुर. औषधीय पौधों की जानकारी देते सी मैप सीएसआईआर के वैज्ञानिक।

5 प्रयोगशालाएं विकसित कर रहीं सुगंधित पौधों को

बस्तर में औषधीय पौधों के साथ सुगंधित पौधों की खेती बड़े पैमाने पर हो, इसके लिए देश में 5 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। इस खेती में गुलाब और पामोरोजा की खेती को विशेष रूप से किया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने लेमनग्रास और पामारोजा एक साल लगाने पर पांच साल तक उत्पादन देती हैं। सिंचित रकबे में इसका उत्पादन चार बार और असिंचित रकबे मे केवल दो बार लिया जा सकता है। किसानों को इन फसलों की खेती का फायदा विशेष रूप से होगा।

खबरें और भी हैं...