अनिवार्य ग्रामीण सेवा अनुबंध के बाद भी 11 डॉक्टर काउंसिलिंग से गायब
रायपुर | एमबीबीएस के बाद दो साल की ग्रामीण सेवा के लिए रायपुर व जगदलपुर के 42 डॉक्टरों ने अनुबंध किया था। स्वास्थ्य विभाग की काउंसिलिंग में नौ डॉक्टर गायब रहे। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो डॉक्टर काउंसिलिंग में शामिल हुए, उनकी पोस्टिंग जल्द ही पीएचसी में कर दी जाएगी। 2018 में एमबीबीएस पास डॉक्टरों को ग्रामीण सेवा में पदस्थ किया जाना है। रायपुर व जगदलपुर के ऐसे 42 डॉक्टर हैं, जिन्होंने ग्रामीण सेवा में जाने के लिए सहमति जताई थी। बाकी डॉक्टर बांड भरकर ग्रामीण सेवा में जाने से बच गए हैं। काउंसिलिंग में 42 में केवल 31 डॉक्टर ही उपस्थित हुए। इन डॉक्टरों को अंबिकापुर, कवर्धा, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर, बस्तर व दंतेवाड़ा में पदस्थ किया जाएगा। सिम्स बिलासपुर में अनुबंधित 56 डॉक्टरों की काउंसिलिंग 17 को नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि अनुबंध के बाद भी गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे डॉक्टरों को पीजी में एडमिशन देने से मना किया जा सकता है।