पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पीएम के दौरान जवानों के शरीर में मिली बुलेट इंजरी

पीएम के दौरान जवानों के शरीर में मिली बुलेट इंजरी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
किरंदुल-चोलनार मार्ग पर ब्लास्ट में शहीद हुए 6 जवानों के शवों का पोस्टमार्टम जिला हाॅस्पिटल में किया गया। 4 डॉक्टरों की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम किया। नक्सलियों ने ब्लास्ट से नाले में गिरी एक्सयूवी वाहन के पास पहुंचकर तड़पते जवानों को करीब से गोली मारकर हत्या कर दी और उनके पास रखे गए हथियार लूट लिए।

पोस्टमार्टम से पहले हुए पंचनामे में जवानों के शरीर पर बुलेट इंजरी पाते हुए सभी शवों का एक्सरे भी कराया गया, ताकि शरीर में फंसी गोलियों का पता लगाया जा सके। एएसपी गोरखनाथ बघेल के मुताबिक ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि अधिकांश जवानों की मौत हो गई। बचे हुए कुछ जवानों पर गोलीबारी हुई है। शहीद हुए सभी 6 जवानों के शव का पीएम करने के बाद शाम को पुलिस लाइन कारली में अंतिम सलामी दी गई।

मेकाॅज से बुलाए गए विशेषज्ञ: सीएएफ के 2 शहीद जवान रविनाथ पटेल निवासी ग्राम बरूनी, थाना बड़ागांव जिला वाराणसी यूपी और राजेश सिंह निवासी ग्राम बीहट, थाना बरैनी, जिला बेगुसराय बिहार का शव ज्यादा दूर भेजे जाने के चलते शवों को सुरक्षित रखने के लिए एम्बॉलमिंग करवाई गई। पूर्व में दोनों शवों को एम्बॉलमिंग के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेजा जाना तय हुआ था, लेकिन बाद में सिविल सर्जन डॉ नायक के अनुरोध पर मेकॉज से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने यहां आने की हामी भरी।

ब्लास्ट के बाद तड़पते हुए जवानों को नक्सलियों ने गोलियां भी मारीं

दंतेवाड़ा। निर्माण सामग्री पहुंचाने वाले वाहन को सुरक्षा देकर लौट रही पुलिस की गाड़ी धमाके के बाद नाले में जा गिरी।

सालों पहले सड़कों के नीचे दबाए गए बारूद को अब मौका देखकर तार के सहारे उड़ा रहे नक्सली

नक्सल इलाकों में काम कर चुके अफसर बताते हैं कि फोर्स को निशाना बनाने के लिए नक्सली सड़कों के नीचे बारूद दबाने का काम लंबे समय पहले ही कर चुके होते हैं। बस्तर में कहां-कितना बारूद सड़कों व पगडंडियों में दबाकर रखा गया है ये किसी को नहीं पता है। जिन सड़कों पर नक्सलियों ने बारूद दबाया था उनमें से ज्यादातर कच्ची थीं, यहां अब पक्की सड़क बन चुकी है। कुछ कच्ची सड़कों को तो दो-दो बार पक्का कर दिया गया है। चोलनार की जिस सड़क पर नक्सलियों ने विस्फोट किया है उसे भी दो बार बनाया जा चुका है। बारूद इतना नीचे था कि इसे हाल में नहीं लगाया गया होगा, यानी इसे सड़क के नीचे सालों पहले ही दबाया गया था। इस आईईडी में विस्फोट करने के लिए 50 मीटर दूरी पर एक आम के पेड़ के पास वायर निकाला गया था। इसी वायर में बैटरी जोड़कर विस्फोट किया गया।

घटना से पहले सीएम डॉ. रमन के प्रवास के लिए गाड़ियां जुटा रहे थे, किरंदुल टीआई की कार से गए चोलनार

सूत्रों के मुताबिक अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर निर्माण सामग्री पहुंचाने वाली गाड़ियों को चाेलनार तक पहुंचाने वाहन में जाना घातक साबित हुआ। किरंदुल थाने से जवान पहले भी इन गाड़ियों के साथ जाते थे, लेकिन बीते एक माह से मटेरियल नहीं भेजा गया गया था। शनिवार की शाम अचानक ठेकेदार ने निर्माण सामग्री भरी ट्रकों के आने की सूचना देते हुए सुरक्षा देने का आग्रह किया। सुबह बाजार के पास मुख्यमंत्री प्रवास के लिए पिकअप गाड़ियां पकड़ रहे जवानों के दस्ते में से एक दस्ता निर्माण सामग्री लदी गाड़ी को छोड़ने चोलनार की तरफ निकल गया। वापसी में मदाड़ी नाले के पुल पर पहुंचते ही वहां पहले से घात लगाए नक्सलियों ने ब्लास्ट कर दिया। बगैर रोड ओपनिंग पार्टियां लगाए गाड़ी में सवार होकर जाना जवानों के लिए घातक साबित हुआ। जवान किरंदुल थानेदार जयप्रकाश गुप्ता की सफेद रंग की एक्सयूवी में सवार थे। संभवत: इस बात की पुख्ता सूचना नक्सलियों को थी।

खबरें और भी हैं...