उज्ज्वला योजना के तहत 15 अगस्त तक 30 हजार नए कनेक्शन बांटने का टारगेट पूरा करने एवं ग्रामीण इलाकों में सिलेंडरों की रिफिलिंग के लिए अब सहकारी समितियां गैस एजेंसी चलाएंगी। जून तक नई एजेंसी शुरू करने का टारगेट रखकर प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। जिले में 4 सहकारी समितियों को प्रशासन से जमीन मिलने के बाद अब गोदाम व आफिस बनाने तथा एक्सप्लोसिव लाइसेंस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दूरस्थ अंचलों में गैस एजेंसियों की कमी से रिफिलिंग में आने वाली परेशानी से बचने के लिए जिले से 4 सहकारी समितियों का चयन किया गया था। खाद्य विभाग के मुताबिक जिले के करपावंड में सहकारी समिति के जरिए ग्रामीणों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। वहीं केशरपाल लैम्पस के पखनाकुंगेरा, मारडूम और दरभा में गैस एजेंसी के गोदाम व आफिस के लिए राजस्व विभाग से जमीन आवंटित किया जा रहा है। सहायक खाद्य अधिकारी केसी थारवानी ने बताया कि आयल मिनिस्ट्री की ओर से भी एजेंसी शुरू करने के लिए अनुमति मिल गई है। अब गोदाम बनाने के लिए सहकारी समितियों के संचालकों को निर्देश दिया जा रहा है। गोदाम के लिए एक्सप्लोसिव डिपार्टमेंट के सेफ्टी गाइडलाइन के हिसाब से ड्राइंग डिजायन बनाने कहा गया है।
सुविधा
पखनाकुंगेरा, मारडूम और दरभा में एजेंसी खोलने जमीन आवंटित, जून तक खुल जाएगा गोदाम
15 अगस्त तक बांटे जाएंगे 30 हजार नए कनेक्शन
जिले में अभी शहरी एवं ग्रामीण को मिलाकर कुल 11 गैस एजेंसियां काम कर रही है। उज्ज्वला के तहत 52 हजार गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 15 अगस्त तक 30 हजार नए कनेक्शन बांटे जाने की योजना बनाई गई है। इसमें से करीब 2000 लोगों को गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। सहायक खाद्य अधिकारी थारवानी ने बताया कि जिले में इस समय गैस उपभोक्ताओं की संख्या उज्ज्वला को मिलाकर 1 लाख 45 हजार है। कनेक्शन के बाद रिफिलिंग में हो रही परेशानी को दूर करने 3 महीने में ही 3 नई एजेंसियों के खुलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
बगैर लोन लिए समितियां करेंगी निर्माण
सहकारी सेवा समितियां धान खरीदी के एवज में मिले कमीशन से आर्थिक रूप से सुदृढ़ हैं, इसलिए गोदाम बनाने के लिए लोन की जरूरत नहीं होगी। यदि समितियां लोन लेकर निर्माण कराना चाहेंगी तो उन्हें इसके लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से लोन दिलवाया जाएगा।
रिफिलिंग में समितियों को दिया जाएगा कमीशन
समितियों को गैस कनेक्शन देने से लेकर सिलेंडर की रिफिलिंग में भी आयल कंपनियों की ओर से कमीशन दिया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो उज्ज्वला को बढ़ावा देने के लिए गैस एजेंसी के शहरी वितरकों की तुलना में ग्रामीण वितरक को ज्यादा कमीशन दिया जाएगा।
जून तक बन जाएगा गोदाम व आफिस: खाद्य नियंत्रक
खाद्य नियंत्रक आरएल खरे ने बताया गैस एजेंसियों के लिए तीन समितियों को जमीन का आवंटन किया जा रहा है। गोदाम एवं आफिस बनाने के लिए जून तक का समय दिया गया है। एक्सप्लोसिव लाइसेंस के लिए भी पहले दौर की प्रक्रिया पूरी हो गई है।