गिरफ्तार आदिवासी नेताओं को नि:शर्त रिहा करने करपावंड में दिया गया धरना
सर्व आदिवासी समाज ने पत्थलगढ़ी आंदोलन में गिरफ्तार आदिवासी नेताओं की नि:शर्त रिहाई की मांग समेत 6 अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को बकावंड ब्लाक के करपावंड में धरना दिया। धरने के बाद तहसीलदार आनंद नेताम को राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष कौशल नागवंशी के हस्ताक्षर से जारी इस ज्ञापन में कहा गया है कि अपनी संवैधानिक एवं नैसर्गिक अधिकारी की रक्षा तथा समस्याओं को लेकर आंदोलन की कड़ी में जशपुर कोरबा और राजनांदगांव में पत्थलगढ़ी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन में शामिल समाज के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, इनकी नि:शर्त रिहाई की जाए।
इसके अलावा जातिगत आरक्षण की सुविधा में ढाई लाख का आर्थिक बंधन समाप्त करने, आदिवासी सलाहकार परिषद का अध्यक्ष आदिवासी को बनाए जाने, खनिज उत्खनन और भारी उद्योग के लिए जमीन लीज पर लिए जाने और संबंधित आदिवासी को शेयर होल्डर के रूप में 20 प्रतिशत लाभांश दिए जाने, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए समय सीमा के भीतर पदोन्नति देने, जनजातियों को वंशवृद्धि में संख्या की बाध्यता से बाहर रखने की पात्रता से छूट देने और पोलावरम तोपाकुलगुड़ेम में गोदावरी नदी पर बन रहे बैराज के कारण प्रभावित आदिवासी परिवारों को बेदखली से रोके जाने की मांग शामिल है। धरना प्रदर्शन में प्रांतीय उपाध्यक्ष राजाराम तोड़ेम, संरक्षक सोनाराम सोढ़ी, अंतूराम कश्यप, युवा प्रभाग अध्यक्ष जितेंद्र नेताम, धरम सोढ़ी समेत अन्य आदिवासी नेता शामिल थे।
बकावंड के करपावंड में सर्व आदिवासी समाज के धरने में उपस्थित समाज के नेता