पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • आईसीसीयू से फ्रिज और ईसीजी मशीन भी उठा ले गए, मरीजों की जान पर बन आई

आईसीसीयू से फ्रिज और ईसीजी मशीन भी उठा ले गए, मरीजों की जान पर बन आई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मेडिकल कॉलेज सह महारानी हास्पिटल से डिमरापाल स्थित हॉस्पिटल के नए भवन में बिना किसी योजना के शिफ्टिंग से मरीजों की जान पर संकट मंडराने लगा है। 15 मई से मेडिकल कॉलेज के नए भवन में आउटडोर-इनडोर इलाज की सुविधा के साथ ही ऑपरेशन शुरू करने के जुगाड़ में महारानी हॉस्पिटल परिसर से सभी उपकरणों और सामग्रियों की शिफ्टिंग पिछले 10 दिनों से युद्धस्तर पर जारी है। इस बीच मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने महारानी हास्पिटल में टूटे-फूटे पलंग और बेड छोड़ सभी सामग्री डिमरापाल में शिफ्ट कर दी है। महारानी हॉस्पिटल के साथ चल रहे मेडिकल कॉलेज के उपकरणों की शिफ्टिंग का आलम कुछ ऐसा है कि यहां से करोड़ों की लागत से बने नए भवन में आईसीसीयू की दीवारों पर लगाए गए क्लैंप तक उखाड़ कर ले गए हैं।

इतना ही नहीं बॉयलर एपरेटस, सक्शन पंप, और ईसीजी तक मेडिकल कॉलेज के नए भवन में ले जाया गया है। आईसीसीयू से सोमवार को फ्रिज तक उठा ले गए। इस फ्रिज में जीवनरक्षक दवाएं और इंजेक्शन रखे जाते हैं। हृदयरोग सहित गंभीर स्थिति में लगाए जाने वाले इंजेक्शन सहित एंटी रैबीज वेक्सीन भी फ्रिज में ही रखा जाता है।

यहां फिलहाल सभी वार्ड में मरीज भर्ती हैं लेकिन उपकरणों के अभाव में उन्हें सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। मेकॉज प्रबंधन यह भी नहीं बता पा रहा है कि हास्पिटल कब से शुरु किया जाएगा लेकिन डीन यूएस पैंकरा का कहना है कि 15 मई तक इसे पूरा कर लेना था, कुछ कारणों से काम में विलंब हो गया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर डिमरापाल स्थित नए भवन में शिफ्टिंग पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद से लोगों का उपचार की सुविधा भी मिलने लगेगी। उन्होंने यह भी कहा कि महारानी हॉस्पिटल में फिलहाल सभी उपकरण रखे हुए हैं और लोगों का इलाज किया जा रहा है।

अस्पताल के नए भवन में शिफ्टिंग बनी मुसीबत

मेडिकल कॉलेज शुरू होने में सात दिन और लग सकते हैं

जगदलपुर. मेकाॅज से संबद्ध महारानी हास्पिटल के आईसीसीयू से सारे उपकरण हटाकर डिमरापाल के नए मेकाॅज भवन में ले शिफ्ट कर दिए गए हैं।

स्ट्रेचर न होने से दो घंटे तक एंबुलेंस में पड़े रहे मरीज

सुकमा के गादीरास में ट्रक दुर्घटना में घायल चार मरीजों को सोमवार की देर रात महारानी हॉस्पिटल में लाया गया था। इस दौरान मरीजों को शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं था जिसके चलते करीब घंटे भर तक मरीज एंबुलेंस में ही पड़े रहे। बाद में इनमें से चार मरीजों को रात में ही बेहतर इलाज के लिए रायपुर रिफर कर दिया गया।

वार्डों में टूटे पलंग छोड़ दिए गए, आपत्ति दरकिनार

मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महारानी हॉस्पिटल में इस समय टूटे पलंग ही छोड़ दिए गए हैं। केजुअल्टी के डॉक्टर्स रेस्ट रुम का पलंग बेड सहित नए भवल में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां आइसोलेशन वार्ड से लाकर एक पुराने बेड रख दिया गया है। इस पर यहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ने भी आपत्ति की लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इधर अधीक्षक डॉ. अविनाश मेश्राम ने बताया कि आईसीसीयू में फ्रिज वापस रखने को कहा गया है। इसीजी मशीन भी वापस लाई गई है। कोशिश की जा रही हे कि मरीजों को परेशानी न हो।

50 साल व 20 साल का नियम यहांं भी लागू हो

कांग्रेस नेता अतिरिक्त शुक्ला ने बिना किसी योजना के मेडिकल कॉलेज शिफ्टिंग पर आक्रोश जताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज से जो उम्मीदें बस्तर की जनता को थी वह पूरी नहीं हा पा रही हैं। डॉक्टर सेवा भावी न होकर सिर्फ प्राइवेट प्रैक्टिस पर ध्यान देते हैं। यहां भी 20 वर्ष की सेवा अथवा 50 वर्ष की उम्र वाले ऐसे डॉक्टरों को सेवानिवृत्त कर देना चाहिए जो अपनी ड्यूटी ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। जल्दी ही इस मामले को जोर-शोर से उठाया जाएगा।

खबरें और भी हैं...