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पीडब्ल्यूडी ने सड़क मरम्मत के 5 करोड़ मांगे इसलिए 24 घंटे पानी देने की अमृत योजना पर लगा विराम
शहर के 30 हजार परिवारों को फरवरी 2020 में हर दिन 24 घंटे पानी देने शुरू की गई योजना अधर में लटक गई है। योजना के तहत 6 टंकियां बनाई जानी थी., जिसमें 5 टंकियों का निर्माण 52 फीसदी पूरा नहीं पाया है वहीं 250 किमी की पाइप लाइन बिछाने का काम पीडब्ल्यूडी ने अब तक शुरू नहीं करने दिया है।
काम शुरू नहीं होने से शहर के अलग-अलग हिस्सों में रखी गई पाइप लोगों की आवाजाही में बाधा बन रही है वहीं इनमें लगे रबर खराब हो रहे रहे हैं। 250 किमी पाइप लाइन बिछाने के लिए अमृत योजना का काम कर रही नागपुर की गाोंडवाना कंपनी को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि पाइप लाइन बिछाने से शहर की सड़कें खराब हो जाएंगी। अधिकारियों ने इस काम के एवज में कंपनी से 5 करोड़ 50 लाख का मुआवजा मांगा, जिसको कंपनी ने देने से मना कर दिया। गौरतलब है कि इसके अलावा नदी से हर दिन पर्याप्त मात्रा में पानी लेने के लिए इंद्रावती नदी के पुराने पुल के पास बने एनीकेट की ऊंचाई बढ़ाने की योजना पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
इसकी जानकारी नगर निगम और शहरी विकास अभिकरण के अधिकारियों ने नगरीय प्रशासन को दी।
इसके बाद से इस काम के लिए अब तक कोई आदेश कंपनी और विभाग को नहीं मिला है। जब इस मामले को लेकर शहरी विकास अभिकरण के कंसलटेंट अमरीश गोंदले से बात की गई तो उन्होंने बताया कि योजना के तहत काम जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। पाइप लाइन बिछाने के लिए अब तक नगरीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से कोई आदेश नहीं मिला है जिसके चलते यह काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि काम पूरा करने कंपनी की तरफ से कोई लेटलतीफी नहीं की जा रही है। पीडब्ल्यूडी यदि समय पर पाइप लाइन बिछाने की अनुमति दे देता है तो अब तक बिछा दी गई होती।
जगदलपुर. इंद्रावती नदी के पास बनाया जा रहा इंटकवेल। जगदलपुर. सड़क किनारे पड़ी अमृत योजना की पाइप।
130 करोड़ की योजना में इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट भी 30 फीसदी ही पूरा हो पाया है
हर घर को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए नयामुंडा इलाके में बनने वाला फिल्टर प्लांट और इंटेकवेल का निर्माण भी करीब 30 फीसदी ही पूरा हो पाया है। एक महीने के बाद अगले चार महीने तक बारिश होगी जिसके चलते इस मौसम में इस काम में काफी दिक्कतें आएंगी। इंटेकवेल में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने बताया कि बारिश में टैंक में जलभराव के चलते दिक्कतें आएंगी जिसे दूर करने की कोशिश की जाएगी। बावजूद इसके यह काम करीब अगले साल तक ही पूरा हो पाएगा। इसके अलावा 130 करोड़ की इस योजना में राॅ वाटर पाइप का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
20 टंकियों से 35 एमलडी हाेगी पानी की सप्लाई
हर घर तक 24 घंटे पानी पहुंचे इसके लिए 20 टंकियों से 35 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाएगी। इसमें जल आवर्धन योजना की 14 और अमृत योजना की 6 टंकियां शामिल होंगी।
शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा देने के लिए हर घर में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मीटर लगाया जाएगा जिसमें आपूर्ति के हिसाब से बिल आने की बात कही गई है। इस काम में भी नगर निगम कोई प्रयास नहीं कर पाया है। नतीजतन मार्च 2020 तक इस अमृत योजना का लाभ लोगों को मिलेगा या नहीं इसकी आशंका बनी हुई है।
कंपनी ने अब तक जमा नहीं किए 5.50 करोड़
आरके गुरू, कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान शहर की सड़कें खराब होती हैं। इस काम के लिए एक डिमांड बनाकर गोंडवाना कंपनी को एफडीआर बनाकर 5 करोड़ 50 लाख रुपए जमा करवाने के लिए कहा गया था जो कंपनी ने अब तक नहीं किया गया। इसके चलते ही पाइप लाइन बिछाने पर रोक लगा दी गई है। जैसे ही कंपनी यह राशि जमा कर देगी। उसे अनुमति दे दी जाएगी।
पानी जांचने के लिए लगेगा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मीटर