जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर ग्राम कोहकापाल और कुरंगा के दो ग्रामीणों को तमिलनाडु में ठेकेदारों द्वारा बंधक बनाकर रखे जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को बंधक बनाए गए ग्रामीणों के परिजनों ने जहां एक ओर कलेक्टर धनंजय देवांगन को ज्ञापन सौंपकर दोनों बंधक छात्रों को छुड़वाने की अपील की वहीं परपा थाने में परिजनों ने दलालों के खिलाफ एफआईआर करवाने की बात कही ।
महिलाओं ने कलेेक्टर को बताया कि उनके पतियों को किसी बोरवेल कंपनी में बंधक बनाकर रखाकर गया है। बंधक बनाए ग्रामीणों को ठेकेदारों द्वारा घर जाने की कोशिश करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि इन दिनों दोनों ग्रामीणों को शहर से दूर रखकर उनसे मजदूरी करवाई जा रही है । साथ ही शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना भी दी जा रही है।
इसके पूर्व भास्कर ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए एक खबर 15 मई को प्रकाशित की थी। ग्रामीण हेमू की पतनी भुलकी और समदू की प|ी ने हेमलता ने कहा कि अपने पतियों को खोजने की काफी कोशिश । लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अंत में लाचार होकर वे कलेक्टर के पास आए। ग्रामीणों ने बताया कि कलेक्टर ने जल्द ही दाेनों ग्रामीणों को ढ़ूंढ निकालने की बात कही। भुलकी और हेमलता ने बताया कि तेलनंगाना में उनके पतियों के साथ ही एक अन्य ग्रामीण अशोक भी काम की तलाश में गया था जहां पर मजूदरों के साथ हो रहे शोषण को देखते हुए वह वापस आया और हमें हमारे पतियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार के बारे में बताया।
जगदलपुर। कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंची महिलाएं।
दलालों को होगी जेल
कलेक्टर ने कहा है कि यह गंभीर मामला है और मजदूरों की तस्करी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों को तमिलनाडू को बंधक बनाया गया है उन सभी को छुड़ाने व सकुशल वापस लाने के लिए एक टीम का गठन कर आंध्र व तेलंगाना रवाना किया जायेगा और इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों को कड़ी सजा देते हुए जेल भेजा जाएगा ।