कलाकारों ने सुनाए भक्ति, शृंगार अाैर वैराग्य भाव के राग
जवाहर कला केंद्र में शनिवार काे भक्ति, शृंगार अाैर वैराग्य भावाें की रचनाओं ने लाेगाें काे भाव विभोर कर दिया। माैका था तबला गुरु उस्ताद रहमान खां की याद में अायाेजित शास्त्रीय संगीत के अखिल भारतीय समारोह का। इस कार्यक्रम में मुंबई के पं.नयन घाेष का सितार वादन, कोलकाता के अल्लारखा कलावंत अाैर उस्ताद साबिर खान का सारंगी वादन हुअा, जबकि शब्बीर हुसैन अाैर एजाज हुसैन ने तबला की लय-ताल से अपने गुरु काे श्रद्धांजलि दी। कलाकारों के साथ तबले पर उस्ताद निसार हुसैन व शब्बीर हुसैन अाैर सारंगी पर इलियास खान ने संगत की।
राग झिंझाेटी अाैर कामाेद के स्वर
समाराेह में पं. नयन घाेष का सितार वादन मुख्य अाकर्षण था। उन्हाेंने इस माैके पर शृंगार प्रधान राग झिंझाेटी अाैर भक्ति प्रधान राग कामाेद के स्वर छेड़े। कल्याण थाट के राग कामाेद में दाेनाें मध्यमाें का प्रयाेग सुनने याेग्य था। इसके बाद काेलकाता के उस्ताद अल्लाह रखा कलावंत ने सारंगी पर संगीत के गहरे ज्ञान में निबद्ध प्रस्तुति दी। उन्हाेंने राग मारवा काे अपनी प्रस्तुति का माध्यम बनाया। राग मारवा वैराग्य भाव का राग है जाे सारंगी के स्वराें का अासरा पाकर अाैर भी बैरागी हाे गया। सारंगी एेसा साज है जिस पर करुण अाैर वैराग्य भाव सहजता से उभरकर अाता है।