सरसों के तेल में लगाएं गंधक
गलत खान पान, लिवर डिजीज, हरी सब्जियों और फलों के साथ दूध और या फिर दूध से बनी वस्तुओं का सेवन करना जैसे की शेक आदि।
मूली के साथ गुड़ का सेवन, मांस के साथ डेयरी प्रोड्क्ट्स का सेवन, खासतौर पर मसली के साथ दूध का सेवन, खट्टी और मीठी चीजें एक साथ खाना। एसिड युक्त फास्ट फुड, कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन।
क्यों होते हैं सफेद दाग : सफेद दाग बॉडी की मेटाबॉलिक एक्टिविटी को प्रभावित करते हैं। इससे मेलिनीन का फॉर्मेशन नहीं हो पाता है। स्किन का रंग बदलने से तनाव भी बढ़ता है।
ट्रीटमेंट
खाने की औषधियां : इसे ठीक करने के लिए विशेष औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। स्टिलेखावटी, आरोग्यवर्धनी, गंधक, रक्त माणिक्य, मंजिष्ठा, निम्ब चूरन, बाचुकि का चूरन, चित्रकारी रस के सेवन से सफेद दाग को ठीक किया जा सकता है। यह सभी औषधियां चिकित्सक की सलाह से लें।
लेप से उपचार : बाचुकि का तेल, तुवरक का तेल, अनार के पत्तों को पेस्ट, हल्दी और गंधक का पेस्ट, चक्रमर्द पेस्ट का लेप सरसों के तेल के साथ इस्तेमाल करें।
घरेलू इलाज : खट्टी चीजें नहीं खाएं : दही, छाछ, अमचूर, अचार और मावे से बनी हुई चीजें नहीं खाएं। अनाज में चांवल का सेवन नहीं करें। सॉफ्टड्रिंक और फ़ास्ट फ़ूड नहीं खाएं।
क्या खाएं : परवल, लोकी, करेला, तुरई। अनाज में गेहूं, जौ, मक्का शामिल करें।
-डॉ. सी.आर. यादव, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर