बेबी की होलिस्टिक ग्रोथ के लिए प्रेग्नेंसी में करें मेडिटेशन
हैल्थ रिपोर्टर जयपुर
बदलती लाइफस्टाइल के कारण सिजेरियन डिलीवरी बढ़ रही है। महिलाओं की लेबर पेन सहने की कैपेसिटी कम हुई है। जिसके चलते सीजेरियन बेबी हो रहे हैं। इसका कारण है कि फिजिकल एक्टिविटीज का कम होना है। बॉडी ठीक से खुल नहीं पा रही और कम एक्टिविटीज के कारण लंग्स भी प्रॉपर काम नहीं करते हैं। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान योगा बेस्ट ऑप्शन है जिससे डिलीवरी नॉर्मल हो सकती है। बेहतर यह है कि कंसीव करने के दो महीने पहले योगा शुरू कर देना चाहिए। इससे बॉडी पूरी तरह से खुल जाएगी। जब मेंटली रिलेक्शसेन होगा तो हैल्दी महसूस करेंगी। प्रेग्नेंसी में सबसे जरूरी है कि एक्सपर्ट की देखरेख में योगा करें। इस अवस्था के लिए सबसे बेहतर है शीश आसन, सुप्रबद्ध कोण, डक वॉक, फिश पोज करना चाहिए। इससे नॉर्मल डिलीवरी होने में फायदा मिलता है। इसके साथ ही मां और बच्चे दोनों हैल्दी रहते हैं। आठवें और नवें में अक्सर देखा जाता है कि सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। ऐसे में सबसे जरूरी है योग इससे लंग्स थ्री डायमेंशनल में खुलते हैं। हिप ओपनिंग एक्सरसाइज से लेबर पेन के ड्यूरेशन को कम करती है। ये ही नहीं मंत्रोच्चारण और मेडिटेशन बेबी में होलिस्टिक ग्रोथ के लिए फायदेमंद है।
-अरुणा गुप्ता, योग एक्सपर्ट, जयपुर