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आमेर के फोटोग्राफी प्वाइंट बने पार्किंग जोन, हेरिटेज वॉक-वे पर जीपों की दौड़
वर्ल्ड हेरिटेज साइट आमेर महल के पूरे व्यू का फोटो लेना अब टूरिस्ट के लिए मुश्किल हो गया है। वजह ये कि महल के सामने मावठे पर बने ऐसे प्वाइंट पर सुबह से शाम तक अवैध जीपों का कब्जा रहता है। यहां पर्यटकों को महल तक पहुंचाने वाली 125 जीपों का जहां पॉल्युशन चरम पर है वहीं महल से सागर रोड तक जाने वाले हेरिटेज वॉक-वे पर पैदल चलना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। गांधी चौक से महल तक करीब डेढ़ किलोमीटर रास्ते पर अतिक्रमण, बिजली के खुले वायर, ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरने वाले टूरिस्ट इस पुरा धरोहर के बारे में बहुत बुरा इंप्रेशन लेकर जा रहे हैं। हाल में ही आमेर आए जर्मनी के आसाफिन बुर्ज के जज रायनर बुस रिस्टर ने अपने टूर ऑपरेटर बहादुर सिंह राजावत को बहुत से कड़वे अनुभव सुनाए। राजावत ने बताया कि एक तो गर्मी में एलिफेंट राइडिंग सीमित हो जाती है, ऐसे में टूरिस्ट के पास सुबह के समय आउटिंग का बहुत कम समय बचता है। इधर महल के आस-पास जीप वालों की मनमानी इतनी बढ़ गई कि अगर कहीं खड़े होकर महल की फोटोग्राफी करना चाहें ताे जगह तक नहीं मिलती है। महल के सामने गौरा पार्वती मंदिर और मावठे पर बने प्लेटफार्म पहले सुकून से फोटोग्राफी करते थे लेकिन वहां अब जीप वालों की रेलमपेल बनी रहती है। अब ऐसी जगह नहीं बची जहां पूरे महल के बाहरी हिस्से की खूबसूरत फोटोग्राफी की जा सके। महल के अधीक्षक पंकज धरेंद्र बताते हैं कि जीप के पॉल्युशन के बारे में विभाग के जरिए आरटीओ को लिखा जा चुका है। महल के रास्ते में बहुत से डवलपमेंट की जरूरत है। जीप की समस्या बहुत पुराने समय से है। इन सारी परेशानियों को दूर करने लिए प्रयास चल रहे हैं। ये सच है कि महल का रास्ता इतना संकरा है कि पीक आवर में हेरिटेज वॉक संभव नहीं है। महल के सामने अगर फोटोग्राफी में परेशानी आ रही है तो पता करके जल्दी पर्यटकों को सुविधा दी जाएगी।
बैट्री कार से राहत, केयर टेकर्स की ट्रेनिंग नहीं
पॉल्यूशन से निजात दिलाने के लिए हाथी स्टैंड से महल तक बैट्रीकार से पर्यटकों को राहत मिली है। लेकिन एक तो इनकी संख्या कम है ऊपर से इनको चलाने वाले या सवारी कराने वाले केयर टेकर्स का व्यवहार टूरिस्ट को रास नहीं अाता है। टूरिस्ट बताते हैं कि ये कारों को शहर के ट्रांसपोर्ट की तरह चलाते हैं। कम संख्या होने से ग्रुप के कुछ मेंबर ऊपर जाते हैं और बाकी दूसरी गाड़ी का इंतजार करते हुए डरते हैं। कई बार साफ-सुथरे ड्रेस कोड और व्यवहार का अभाव टूरिस्ट को अखरता है।
Tourist Issue
रायनर बुस रिस्टर
हैरिटेज वॉक-वे पर जीपों की दौड़।
मावठे का यह पॉइंट फोटोग्राफी के लिए टूरिस्ट की पसंद हुआ करता था आजकल यहां गाड़ियां खड़ी रहती है।
आमेर में फोटोग्राफी प्वाइंट पर आ रही परेशानी का पता कराएंगे। आमेर महल अधीक्षक से बात करता हूं। वहां की परेशानी का बेहतर निदान वहीं से हो पाएगा।  हृदयेश शर्मा, डायरेक्टर पुरातत्व एवं संग्रहालय