जयपुर| राज्य सरकार ने सेंट्रल, जिला एवं उप जेल सहित 35 जेलों में अब तक गैर सरकारी दर्शकों को मनोनयन कर दिया है। जेलों की व्यवस्थाओं पर नजर रखने और समय-समय पर सरकार को सुझाव दिए जाने के लिए यह नियुक्तियां की जा रही है। राजस्थान कारागार नियम 1951 के भाग 23 के नियम 3(ए) के प्रावधानांतर्गत राज्य में दो वर्ष के लिए गैर सरकारी दर्शक मनोनीत किए जाते हैं।
गृह विभाग के अनुसार प्रदेश की सभी 97 जेलों में गैर सरकारी दर्शक मनोनीत किए जाने हैं। इसकी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। यह दर्शक जेलों की विजिट कर सकते हैं। वहां के हालात की जानकारी लेकर सुधार के सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं। शिकायतों की सुनवाई भी यह दर्शक कर सकते हैं। गृह विभाग का कहना है कि प्रत्येक सेंट्रल जेल में छह, जिला जेल में तीन और उपजेल में दो गैर सरकारी दर्शकों की नियुक्ति कर सकती है। दो साल में गैर सरकारी दर्शक बदल दिए जाते हैं। इनमें कानून के जानकार, सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल होते हैं।