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इंटर्नशिप होनी थी 86 दिन की, मिले 82 दिन अब 5 हजार बीएड छात्रों की परीक्षा पर संकट

3 वर्ष पहले
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शिक्षा विभाग की ओर से इंटर्नशिप के लिए स्कूल आवंटन में देरी का खामियाजा बीएड विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विभाग की ओर से दूसरे चरण में करीब 40 हजार विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए थे। इनमें से 4 हजार विद्यार्थी तो ऐसे हैं जिनके गर्मी की छुट्टियां शुरू होने तक इंटर्नशिप के लिए तय 86 दिन की अवधि ही पूरी नहीं हो पा रही है। यह स्थिति तो तब है जब स्कूल आंवटन से लेकर 9 मई को छुट्टियां शुरू होने तक विद्यार्थी अगर नियमित स्कूल जाए तो भी उनके केवल 82 दिन ही हो पा रहे हैं। अब राजस्थान विवि की ओर से बीएड कॉलेजों के लिखे गए पत्र के बाद इन विद्यार्थियों की नींद उड़ गई है। विवि ने भी बीएड कॉलेजों को पत्र लिखकर 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर ऐसे विद्यार्थियों की सूची मांगी है, जिनकी इंटर्नशिप पूरी नहीं हुई है। साथ ही कहा है कि अगर यह विद्यार्थी इंटर्नशिप के कारण परीक्षा से वंचित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बीएड कॉलेज की है। बीएड कॉलेज संचालकों ने यह मुद्दा राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन के समक्ष उठाते हुए इस प्रकार स्टाम्प पेपर पर सूची मांगे जाने का विरोध किया है।

रियलिटी चैक

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इसलिए पूरी नहीं हो पा रही इंटर्नशिप की अवधि

दूसरे चरण में 3 जनवरी को स्कूल आवंटित हुआ था। तब शीतकालीन अवकाश चल रहा था और स्कूल 8 जनवरी को खुले थे। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 10 मई से शुरू हुई थीं। यानी 9 मई को अंतिम कार्यदिवस था। इसके हिसाब से देखा जाए तो 8 जनवरी से लेकर 9 मई तक कुल 98 कार्यदिवस होते हैं। अब अगर किसी ने बीच में छुट्टी कर ली या बीमार हो गया तो उसके कार्यदिवस कम हो गए। इनमें से करीब 1 हजार विद्यार्थी 86 दिन की इंटर्नशिप भी पूरी नहीं कर पाए। साथ ही 3 जनवरी को जिन विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट हुआ था, उनमें से करीब 4 हजार विद्यार्थियों ने दूरी पर स्कूल अलाॅट होने के कारण उसमें बदलाव करवा लिया। स्कूल बदलने का आदेश 25 जनवरी को जारी हुआ। इसके बाद से 9 मई तक कुल कार्यदिवस 82 होते हैं। यानी अगर इस सूची में शामिल विद्यार्थी 9 मई तक लगातार स्कूल जाए तो भी उसके कार्यदिवसों की संख्या पूरी नहीं हो पाती। इसलिए परीक्षा से वंचित होने का खतरा सबसे अधिक इन विद्यार्थियों के लिए हैं। इनमें से किसी को 10 दिन तो किसी के 15 दिन कम पड़ रहे हैं।

यह है नियम

नियमानुसार बीएड सेकंड ईयर के विद्यार्थियों को 96 दिन की इंटर्नशिप करनी होती है। सरकार ने इसमें 10 फीसदी की छूट दे दी है। यानी विद्यार्थियों को 86 दिन की इंटर्नशिप तो अनिवार्य रूप से करनी ही है।

शिक्षा विभाग की लेट-लतीफी के कारण विद्यार्थी इंटर्नशिप पूरी नहीं कर पाए हैं। सूची मांगे जाने से यह विद्यार्थी परेशान हैं। इनको नियमानुसार छूट दी जानी चाहिए। क्योंकि अभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है और 19 जून से ही सरकारी स्कूल खुलेंगे। ऐसे में इंटर्नशिप इसके बाद ही पूरी कर पाएंगे। - एलसी भारतीय, अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षा महाविद्यालय परिषद

प्रयास रहेगा कि कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित नहीं हो पाए। ऐसे बहुत कम विद्यार्थी है जिनकी इंटर्नशिप की अवधि पूरी नहीं हो पा रही है। स्कूल खुलने के बाद उनके पास अवसर रहेगा कि वह इंटर्नशिप पूरी कर ले। प्रैक्टिकल से पहले उनको इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। सैद्धांतिक में 80% उपस्थिति होने पर विद्यार्थी बीएड की परीक्षा दे सकेगा। - यदु शर्मा, डीन, शिक्षा विभाग, राजस्थान यूनिवर्सिटी

जिन्हें 3 जनवरी को स्कूल अलॉट हुए, उनके कार्यदिवस

जनवरी 21

फरवर 23

मार्च 22

अप्रैल 24

मई 8

कुल 98

जिन्हें 25 जनवरी को स्कूल अलाॅट हुए, उनके कार्यदिवस

जनवरी 5

फरवरी 23

मार्च 22

अप्रैल 24

मई 8

कुल 82

दूसरे चरण में 40 हजार को आवंटित हुआ था स्कूल

शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 19 सितंबर को करीब 34 हजार और दूसरे चरण में 3 जनवरी को करीब 40 हजार बीएड विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए सरकारी स्कूल आवंटित किए थे। पहले चरण के विद्यार्थियों को तो कोई परेशानी नहीं है। लेकिन दूसरे चरण के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप पूरी नहीं हो पाई है। दूसरे चरण में भी करीब 4 हजार विद्यार्थियों ने आवंटित स्कूल में बदलाव करवा लिया था।

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