जयपुर | समर्पण गोशाला परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद भागवत कथामृत के छठे दिन सोमवार को रामलीला और श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह का आयोजन हुआ। कथा में महाराज संजीव कृष्ण ठाकुर ने महारास प्रसंग पर गहन चर्चा की। महाराज ने बताया कि वर्तमान समय में विकृत मानसिकता रखने वाले लोगों ने रास जैसे रसपर्ण शब्द को निरस बना दिया। भागवत से अगर रास को निकाल दिया जाए तो पूरी भागवत रस विहीन हो जाएगी। रासलीला पर लोगों को बड़ा भ्रम हो जाता है, इसलिए पहले रासलीला नायक परम ब्रह्म को पहचानो। इससे आपका भ्रम मिटे।
विजयवर्गीय महिलाओं ने धार्मिक आयोजन के लिए दिखाई एकजुटता
विजयवर्गीय सेवा सदन, चौगान स्टेडियम के पास हो रहे श्रीमद् भागवत कथामृत पान में सोमवार को व्यासपीठ से रामद्वारा जोधपुर के हरिराम महाराज (अधिष्ठाता श्री रामद्वारा जोधपुर) सुदामा चरित्र, कलियुग वर्णन आदि प्रसंग पर प्रवचन दिए। विजयवर्गीय (वैश्य) महिला मंडल, जयपुर, समस्त विजयवर्गीय समाज व रामस्नेही भक्तगण के तत्वावधान में इस आयोजन के तहत कथा के बाद समाज के युवाओं को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित भी किया गया। मंडल की अध्यक्ष शकुंतला विजयवर्गीय ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष कविता मालिक थीं। उन्होंने समाज की महिलाओं की ऐसे कार्यक्रम के लिए बहुत तारीफ की।