ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | जयपुर
अहमदाबाद-दिल्ली रूट पर यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायतों के बाद रविवार देर शाम चीफ विजिलेंस इंस्पेक्टर महेश सोनी, रघु सक्सेना और रविन्द्र मिश्रा ने गरीब रथ ट्रेन में दो डिकॉय ऑपरेशन कर एक टीटीई को रंगे हाथों पकड़ा। डिकॉय प्रमोद नाम से अहमदाबाद स्टेशन से चढ़ी टीम ने टीटीई लखन जाटव से फालना तक सीट दिलाने की मांग की।
जाटव ने पूछा - कितने लोग हैं। प्रमोद ने कहा दो तो जाटव ने कहा कि दो सीट नहीं दे पाऊंगा, एक की ही व्यवस्था हो पाएगी। प्रमोद ने कहा कि कोई बात नहीं आप एक ही सीट दे दो। टीटीई ने कहा कि - जी 15 में जाकर बैठो। मैं कोच चैक करके बताता हूं। दोनों जी 15 में जाकर बैठ गए। इसके बाद वहां पहुंचे जाटव ने उन दोनों को जी 18 की सीट नंबर 72 पर जाकर बैठने को कहा। उनके पीछे-पीछे जाटव भी वहां पहुंच गया और डिकॉय प्रमोद को बाहर गैलरी में आने का इशारा किया। इसके बाद प्रमोद से 1400 रुपए मांगे। प्रमोद ने थोड़ा कम करने का अनुरोध किया तो वह 1200 पर मान गया। इसके बाद बिना रसीद दिए 1000 रुपए लेकर आगे बढ़ गया। इसकी सूचना प्रमोद ने तुरंत विजिलेंस टीम को दी। जिसके बाद टीम ने उसे अगले कोच में दबोच लिया। विजिलेंस टीम अचानक ट्रेन में देख जाटव के हाथ पैर फूल गए। टीम ने उसके पास से एक हजार के अतिरिक्त 1700 रुपए भी बरामद किए। जिसका उसने रिकॉर्ड में जिक्र नहीं किया हुआ था। इस दौरान टीम ने ट्रेन के पेंट्रीकार सहित सभी बोगियों की जांच की। जयपुर पहुंचकर टीटीई के पास से मिली राशि को सरकारी खाते में जमा करवाया। साथ ही टीटीई के खिलाफ वीसीआर भरकर, कॉमर्शियल विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया। विभाग ने विजिलेंस की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, टीटीई लखन लाल जाटव को सस्पेंड कर दिया।