जब इच्छा मृत्यु पर फंदी ने लगाए सवालिया निशान
रवींद्र मंच पर रविवार काे हम क्रिएशंस के बैनर पर डाॅ. शंकर शेष के विचाराेत्तेजक नाटक फंदी का मंचन किया गया। तीन पात्रों पर आधारित इस नाटक में दिखाया गया कि यदि कोई इंसान असहनीय पीड़ा से गुजर रहा है, तो हर दिन मर-मर के जीने की बजाय क्यों न उसकी इच्छा पर उसे चैन की नींद सोने दिया जाए। इसमें फंदी अपने पिता के असहनीय दर्द को हर दिन महसूस करता है।
नाटक की शुरुआत कारागार के दृश्य से होती है, जहां फंदी को पिता के कराहने की आवाजें, प|ी के रोने की आवाज सुनाई देने की अनुभूति होती है। जफर ने इसमें रिकॉर्डेड म्यूजिक के जरिए आवाजों का शोर सुनाया। कोर्ट में जज फंदी से पूछते हैं कि उसका कोई वकील है या नहीं। फंदी इनकार करता है। उसे याद आता है कि किस तरह उससे पिता ने फरियाद की थी कि इंजेक्शन नहीं ला सकता तो उसे गला घोट कर दर्द से राहत दे दो। परिस्थितिवश फंदी अपने कंपकंपाते हाथों से पिता का गला घोंट देता है। पिता की हत्या के जुर्म में उसे गिरफ्तार किया जाता है और केस चलता है।
रवींद्र मंच पर जफर खान के निर्देशन में खेला गया डाॅ. शंकर शेष का नाटक
सिटी रिपाेर्टर | जयपुर
रवींद्र मंच पर रविवार काे हम क्रिएशंस के बैनर पर डाॅ. शंकर शेष के विचाराेत्तेजक नाटक फंदी का मंचन किया गया। तीन पात्रों पर आधारित इस नाटक में दिखाया गया कि यदि कोई इंसान असहनीय पीड़ा से गुजर रहा है, तो हर दिन मर-मर के जीने की बजाय क्यों न उसकी इच्छा पर उसे चैन की नींद सोने दिया जाए। इसमें फंदी अपने पिता के असहनीय दर्द को हर दिन महसूस करता है।
नाटक की शुरुआत कारागार के दृश्य से होती है, जहां फंदी को पिता के कराहने की आवाजें, प|ी के रोने की आवाज सुनाई देने की अनुभूति होती है। जफर ने इसमें रिकॉर्डेड म्यूजिक के जरिए आवाजों का शोर सुनाया। कोर्ट में जज फंदी से पूछते हैं कि उसका कोई वकील है या नहीं। फंदी इनकार करता है। उसे याद आता है कि किस तरह उससे पिता ने फरियाद की थी कि इंजेक्शन नहीं ला सकता तो उसे गला घोट कर दर्द से राहत दे दो। परिस्थितिवश फंदी अपने कंपकंपाते हाथों से पिता का गला घोंट देता है। पिता की हत्या के जुर्म में उसे गिरफ्तार किया जाता है और केस चलता है।
सुप्रीम काेर्ट का कथन भी शामिल किया
जफर ने इसके कथानक में सुप्रीम काेर्ट के पिछले दिनाें जारी किए उस कथन काे भी शामिल किया है जिसमें कहा गया था कि असाध्य अाैर लाइलाज बीमारी से बेहाल हाे रहे व्यक्ति काे इच्छा मृत्यु का अधिकार है। हालांकि ये न्यायालय का सिर्फ कथन था इसे निर्णय का रूप नहीं नहीं दिया गया है। नाटक में अनुराग सिंह राठाैर, भरत बेनीवाल, अामिर अली, अजय चंदाेलिया अाैर अनस खान ने अभिनय किया।