इकोनॉमिक्स टीचर्स माइक्रो को 11वीं में शामिल किए जाने के पक्ष में नहीं
भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम में चल रही तीन दिवसीय वर्कशॉप के दूसरे दिन सीबीएसई नई दिल्ली के इकोनॉमिक्स टीचर डाॅ.एस.के. अग्रवाल ने अर्थशास्त्र विषय के सिलेबस, प्रश्नपत्र पैटर्न, मार्क्स प्लानिंग चर्चा की। डाॅ. अग्रवाल ने इकोनॉमिक्स टीचर्स के कंफ्यूजन को दूर किया। लाइब्रेरी साइंस वर्कशॉप में डाॅ. अनीता गंगराडे ने ‘पुस्तकालय का स्वचालन’ विषय पर विचार व्यक्त किए। राज. विश्वविद्यालय की पूर्व सह पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ. प्रभा शर्मा ने ‘छात्रों की पुस्तक पठन के प्रति अभिरुचि में अभिवृद्धि’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। एलएमएनआईटी विश्वविद्यालय की सह पुस्तकालय अध्यक्ष डाॅ. श्वेता पांडेय ने ‘विद्यालय-पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण’ विषय पर विचार रखे।
सीबीएसई से करेंगे बदले हुए सिलेबस की शिकायत
टीचर्स ने कहा कि इकोनॉमिक्स में जो सिलेबस बदल गया है उससे स्टूडेंट्स को टॉपिक्स समझाना मुश्किल होगा। 12वीं में पहले इकोनॉमिक्स में माइक्रो और मैक्रो इकोनॉमिक्स थी। नए सिलेबस के अनुसार माइक्रो को 11वीं के सिलेबस में शामिल कर दिया। 11वीं से भारतीय अर्थव्यवस्था को 12वीं में शिफ्ट किया है। अब मुद्दा ये है कि माइक्रो के बिना मैक्रो समझ नहीं आएगी।
ऑटो-मोड पर हो लाइब्रेरी
एक्सपर्ट ने कहा कि राजस्थान में अब भी लाइब्रेरी ट्रेडिशनल है। इसलिए स्टूडेंट्स को वहां जाना बोरिंग लगता है। सबसे पहले इसे ऑटो-मोड पर कर देना चाहिए। वही प्रभा शर्मा ने कहा कि रीडिंग हैबिट को स्टूडेंट्स में बढ़ाना है तो बुक फेस्ट करवाने चाहिए। रुचिकर एक्टिविटीज करवाई जाएं।