परीक्षा से एक दिन पहले आए तभी लीक माना जाता है पेपर
राजस्थान विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और विश्वसनीयता संदेह की घेरे में है। भास्कर के बीएससी फिजिक्स के पेपर के बाहर आने संबंधी खुलासे के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि 8, 9 व 10 मार्च को विश्वविद्यालय की ओर से कई प्राइवेट कॉलेजों में प्रश्न पत्रों की सुरक्षा संबंधी जांच की गई तो एक कॉलेज में पेपर दो दिन पहले ही खुला हुआ मिला। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने खोले गए लिफाफे को फिर से चिपकाने की कोशिश भी की। नई व्यवस्था के तहत एक बार खुलने पर यह फिर से चिपकाया नहीं जा सकता। हालांकि, बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर स्थगित कर केंद्र की मान्यता खत्म कर दी।
जानकारों के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन इससे सबक लेकर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को लेकर जरा भी सजग होता तो बीएससी फिजिक्स का पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले बाजार में नहीं आता। इधर, बीएससी फिजिक्स का पेपर परीक्षा से पहले बाहर आ जाने के खिलाफ विश्वविद्यालय छात्रों ने शनिवार को कुलपति सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
भास्कर के खुलासे के बाद हरकत में आया प्रशासन, कल ईपीएमसी की बैठक, छात्रों का हंगामा
कुलपति के तर्क से सहमत नहीं सभी
सोशल मीडिया के इस युग में जहां एक मिनट में कोई भी चीज हजारों लोगों तक पहुंच सकती है वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके कोठारी की नजर में परीक्षा से एक घंटे पहले नहीं कम से कम एक दिन पहले पेपर बाहर आए तभी आउट माना जाएगा। हालांकि, विश्वविद्यालय के कई अन्य अधिकारी इससे सहमत नहीं हैं। भास्कर की ओर से विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्र पर भी कोठारी ने कहा कि पेपर के कोड पर स्केल नहीं लगा होता तो 2 मिनट में पता चल जाता कि पेपर कहां से अाउट हुआ है। उल्लेखनीय है कि हर प्रश्न पत्र के ऊपर लाल अक्षर में 7 अंक का एक कोड दर्ज होता है।
आरोप : शिकायतों पर नहीं होती कार्रवाई
मुख्य परीक्षाओं के लिए जयपुर और दौसा जिले में करीब 185 परीक्षा केंद्र हैं जहां 5.51 लाख विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। यहां से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। भास्कर को भी परीक्षार्थियों और परिजनों ने कई बार फोन कर परीक्षा केंद्र पर 200 से 500 रु. लेकर नकल कराने की शिकायत की हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई ।
प्रश्न पत्रों की सुरक्षा में सुराख ही सुराख
विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र 3 दिन पहले ही परीक्षा केंद्रों पर भेज दिए जाते हैं। केंद्रों पर इनकी निगरानी के लिए न तो सीसीटीवी कैमरे हैं और न कोई प्रतिनिधि रहता है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा का जिम्मा निजी कॉलेज संचालक के पास ही है। जिस केंद्र पर विद्यार्थी 500 में कम होते हंै वहां 15 मिनट पहले और जहां 500 से अधिक हंै वहां 30 मिनट पहले पेपर खोला जा सकता है।