बिल्डर ने सील तोड़कर 30 फीट रोड पर खड़ी कर दी पांच मंजिला इमारत
यह मामला नगर निगम की चौकसी के दावों की पोल खोलने वाला है। सरस पुलिया के पास हिम्मतनगर पूर्व में जिस इमारत पर अवैध निर्माण रोकने के लिए निगम ने चौकीदार बिठाया उसी जगह 30 फिट रोड पर पांच मंजिला बिल्डिंग खड़ी हो गई। हैरत की बात ये है कि पांच माह पहले यह बिल्डिंग सील कर दी गई थी।
हिम्मत नगर पूर्व में 334 वर्गगज के प्लॉट नंबर 197 पर निर्माण के लिए 26 अप्रैल 2017 को निगम से निर्माण स्वीकृति मांगी गई। मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविर में भवन मानचित्र को जांच में तकनीकी रूप से सही नहीं पाए जाने के कारण निर्माण की अनुमति नहीं दी गई। एम्पावर्ड कमेटी ने जीरो सेटबैक पर निर्माण होने के कारण मानचित्र को निरस्त कर भवन निर्माण रोकने का आदेश दिया। नगर निगम ने 11 दिसंबर 2017 को राजस्थान पालिका अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 365 दिन के लिए बिल्डिंग को सील कर चौकीदार बिठा दिया, लेकिन चौकीदार की मौजूदगी में ही दो मंजिल बना दी।
सरस डेयरी के पास हिम्मत नगर में बन रही अवैध इमारत को निगम दस्ते हल्का सा पंचर किया। फोटो : राजेश कुमावत
डीम्ड स्वीकृति की आड़ में हो रहा था निर्माण
निगम दस्ते ने शनिवार को इस बिल्डिंग में हुए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की तो मालिक ने कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर डीम्ड स्वीकृति बताते हुए कार्रवाई रुकवा दी। मोती डूंगरी जोन उपायुक्त अशोक योगी ने बताया डीम्ड स्वीकृति में नियमानुसार निर्धारित सेट बैक छोड़ते हुए निर्माण कार्य किया जाना था। परंतु जीरो सेटबैक पर भवन निर्माण होने से भवन विनिमय 2010 का उल्लंघन करने पर निर्माण डीम्ड स्वीकृति में नहीं आता। ऐसे में कार्रवाई जारी रही।
भवन के मालिक गुलाब चंद जैन का कहना है कि भवन निर्माण नियमानुसार किया जा रहा है। जीरो सेटबैक पर बनाने की डीम्ड अनुमति है। इसके बावजूद राजनैतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है। निगम द्वारा सील किए जाने के बाद डीएलबी ने 5 फरवरी 18 को अपने आदेश में सील हटा दी थी और निर्देश दिया कि प्रार्थी के तथ्यों को सुनकर फिर से आदेश पारित करें। जोन उपायुक्त एक तरफा कार्रवाई कर रहे हैं।