5 माह से बंद है पीसीओ, इसीलिए मोबाइल पर अंकुश नहीं लग रहा
प्रदेश की सेंट्रल जेलों में बंद बदमाशों व छोटे-मोटे मामलों में बंद होने वाले लोगों को सहूलियत देने के लिए लगाए गए पीसीओ फोन चालू होने के कुछ दिनों बाद ही बंद हो गए। जयपुर सेंट्रल जेल में 5 माह से पीसीओ फोन बंद है। दरअसल जेल विभाग ने जयपुर सेंट्रल जेल समेत बीकानेर, जोधुपर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर और अजमेर जेल में भी एक साल पहले 1-1 पीसीओ फोन लगाए थे। ताकि जेल में बंद कैदी परिजनों से बात कर सके। जयपुर जेल में एक ही पीसीओ फोन था। जेल प्रशासन ने इसे ठीक नहीं कराया। ऐसे में कैदी जेल में बंद हार्डकोर बदमाशों से महंगे दामों में मोबाइल खरीद रहे हैं, ताकि घर-बात कर पाएं। जेल में हार्डकोर बदमाशों द्वारा जेल प्रहरियों की मिलीभगत से मोबाइल बेचने का रैकेट चलाया जा रहा है। हाल ही में सेंट्रल जेल में सर्च के दौरान 75 मोबाइल मिले थे। पीसीओ चालू होने से मोबाइल पर अंकुश लगेगा।
सेंट्रल जेल में 2 हजार कैदी और 1 पीसीओ
जयपुर सेंट्रल जेल में हर समय करीब 2000 कैदी रहते हैं। इनमें से 350 से ज्यादा सजायाफ्ता कैदी है। जिनको गंभीर मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई है। जयपुर सेंट्रल जेल में एक ही पीसीओ होने से उन कैदियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है, जो छोटे-मोटे मामलों में जेल में आते हैं और उनकी कुछ दिनों के बाद ही जमानत हो जाती है। कैदियों को अपने परिचितों से बात करने के लिए 20-30 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।
पीसीओ खराब है, कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाया है
जेल में लगा पीसीओ फोन खराब है। जिस कंपनी ने पीसीओ लगाया था, उस कंपनी के प्रतिनिधि को इसे सही करने के लिए बुलाया है। अब हमारी योजना जेल के सभी वार्ड में पीसीओ लगाने की है। इसके लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे है। -कैलाश त्रिवेदी, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल
हार्डकोर बदमाश चला रहे हैं मोबाइल बेचने का रैकेट
जयपुर सेंट्रल जेल