- Hindi News
- National
- अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन का बढ़ेगा विवाद, कोर्ट जाने की तैयारी में आरएएस
अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन का बढ़ेगा विवाद, कोर्ट जाने की तैयारी में आरएएस
अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन को लेकर विवाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कार्मिक विभाग ने दो दिन पहले ही आवेदन प्रक्रिया से ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसरों को बाहर करने के लिए जारी किए गए गाइड लाइन से कोई भी आरएसस अन्य सेवा के जरिए आईएएस बनने के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा। यदि करेगा भी तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में आरएएस अफसर कोर्ट की दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे उन्हें न्याय मिल सके। राज्य सरकार की ओर से अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिए अनुभव सीमा में एक साल की छूट देने के लिए जारी किए गए आदेश के बाद से ही विवाद चल रहा है।
इन्होंने किया आवेदन : अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिए गृहमंत्री के विशिष्ठ सहायक महेंद्र पारख और उद्योगमंत्री बिजेंद्र सिंह परमार ने आवेदन किया है। इनके आवेदन खारिज होंगे। आवेदन खारिज होते ही पूरा मामले पर विवाद बढ़ेगा। ये दोनों भी कोर्ट की शरण में अलग से जा सकते हैं।
आरएएस का तर्क- हमें 29 साल करना पड़ता है इंतजार, कम अंक वालों को 17 साल बाद ही मौका
आरएएस अफसरों का तर्क है कि प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा में सबसे अधिक अंक लाने के बाद भी उन्हें 29 साल की सेवा पूरी करने के बाद आईएएस बनने का मौका मिल रहा है, जबकि उनसे कम अंक पाने वालों को 17 साल में ही आईएएस बनाने का मौका दिया जा रहा है। इस मामले में राजस्थान प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन की ओर से मुख्यसचिव एनसी गोयल के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को रिप्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका हैं। एसोसिएशन की ओर से मांग की गई थी कि अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन कोटे को पूरी तरह खत्म किया जाए, जबकि अन्य सेवा के विभिन्न संघों के पदाधिकारी प्रमोशन कोटे को बढ़ाने की मांग को लेकर रिप्रेजेंटेशन दे रहे हैं। इस बीच अब कुछ अफसर कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में है। इसके लिए अफसरों की ओर से तमाम रिकार्ड एकत्रित किए जा रहे हैं, जिससे कोर्ट में मजबूती के साथ आरएएस अफसरों के दावा को रखा जा सके। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में पहले ही अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन कोटा खत्म हो चुका हैं। इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला, लेकिन राहत नहीं मिल पाई।