वट सावित्री व्रत रख की कामना, कच्चा सूत बांधा
जयपुर | मंगलवार को पर्वों की त्रिवेणी बही। एक ही दिन वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और भौमवती अमावस्या का संयोग रहा। इस कारण दिनभर धार्मिक आयोजनों का जोर रहा। उधर, बुधवार से शुरू हो रहे अधिकमास के उपलक्ष्य में मंगलवार से कई स्थानों पर भागवत कथाएं भी शुरू हुईं।
मंगलवार सुबह महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ बड़ के वृक्ष का पूजन किया। मंगल गीतों के साथ परिक्रमा करते हुए बड़ के चारों ओर कच्चा सूत लपेटा। वट-सावित्री की कथा सुनकर व्रत रखा। इससे पूर्व सुबह महिलाओं ने परिवार में सास-जेठानी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। ऋतु फल भेंट कर बायना निकाला। मेट्रो रेल परियोजना के कारण छोटी और बड़ी चौपड़ के चारों खंदों से बड़ के विशाल वृक्ष उखाड़ लिए गए हैं। केवल एकमात्र बड़ का वृक्ष बड़ी चौपड़ स्थित फूलवालों के खंदे पर बचा है। दो चौकड़ियों की महिलाओं ने यहीं पर वट पूजन किया। इसके अलावा पुरानी बस्ती समेत विभिन्न जगहों पर वट पूजन किया गया। इसके अलावा शहर में विभिन्न जगहों पर वट वृक्ष का पूजन किया गया। जगतपुरा में रामनगरिया पार्क में वट का पूजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाएं, जिससे माहौल धार्मिक हो गया।
वट सावित्री व्रत करने वाली महिलाएं वट पूजन करते हुए