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गोल्यावास में 104 बीघा जमीन मुक्त कराने पहुंचा दस्ता, ट्रांसपोर्ट नगर की दो दुकानें तोड़कर लौटा

3 वर्ष पहले
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पृथ्वीराज नगर में गोल्यावास की 104 बीघा जमीन मुक्त कराने के लिए जेडीए में शनिवार रात 11 बजे तक प्लानिंग चली, सुबह लाव-लश्कर के साथ दस्ता पहुंचा, दोपहर तक जद्दोजहद चली और ट्रांसपोर्ट नगर में दो दुकानें तोड़कर खानापूर्ति कर दी। इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जेडीए की यह चौथी प्लानिंग थी। इससे पहले भी जेडीए तीन बार इस जमीन को खाली कराने के लिए तैयारी कर चुका है।

जेडीए कमिश्नर ने अफसरों के साथ शनिवार रात 11 बजे तक कार्रवाई के लिए प्लानिंग की। पीआरएन जोन व प्रवर्तन विंग के अफसर रविवार सुबह जाब्ता लेकर मानसरोवर थाने पहुंचे। वहां विकास समिति से जुड़े लोगों ने ट्रिब्यूनल कोर्ट का स्टे आदेश दिखाकर कार्रवाई का विरोध किया। यहां जेडीए के अफसरों और दूसरे पक्ष व उनके वकीलों से दोपहर तक जद्दोजहद चली। दोपहर बाद में जेडीए दस्ता बैरंग लौट गया। बताया जा रहा है कि यह सारी गफलत जेडीए को विवादित जमीन पर कोर्ट स्टे की जानकारी नहीं होने से हुई।

ट्रिब्यूनल कोर्ट का स्टे सामने आया है। अगली सुनवाई 28 मई को है। जल्दी सुनवाई के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देंगे। स्टे की जानकारी नहीं आने के मामले की जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त को निर्देश दिए हैं। संबंधित ईओ को भी कल बलाय गया है। -वैभव गालरिया, जेडीए कमिश्नर

मानसरोवर जोन के माग्यांवास गांव के सैकड़ों बीघा भूमि पर कब्जा हटाने के लिये जेडीए की टीम पुलिस जाब्ता के साथ रविवार को पहंुचा। लेकिन कोर्ट स्टे होने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर सका। इसी दौरान जेडीए अफसर फाइलों की जांच करते रहे और कार्रवाई के लिए साथ जाब्ता तथा जेसीबी मशीनें खड़ी रहीं।

भारी-भरकम जाब्ता, फिर भी कार्रवाई नहीं

जेडीए के एडिशनल कमिश्नर ओमप्रकाश बुनकर, प्रवर्तन विंग के मुख्य नियंत्रक राजेंद्र सिंह सिसोदिया, एडिशनल एसपी सीमा भारती, जोन-18 के डिप्टी कमिश्नर राकेश गुप्ता व जोन- 19 की डिप्टी कमिश्नर एकता काबरा सहित अन्य अधिकारी 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया के निर्देश के बाद पूरी जमीन में हुए निर्माण की वीडियोग्राफी करवाई है।

जेडीसी रात 11 बजे तक दफ्तर में फाइलें खंगालते रहे, फिर भी नहीं हो सकी स्टे की जानकारी

जेडीसी ने छुट्टी से लौटते ही कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी थी। शुक्रवार को भी देर रात तक फाइलों को खंगाला और कोर्ट के केसों की स्टडी की। लेकिन प्रशासन व जोन के अधिकारियों ने कोर्ट स्टे नहीं होने की जानकारी दी। जेडीसी ने देर रात प्रवर्तन विंग को रविवार सुबह 9 बजे पुलिस जाब्ते के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए।

ट्रांसपोर्ट नगर के अतिक्रमणों पर चला बुलडोजर

जेडीए की प्रवर्तन विंग ने रविवार को छुट्टी होने के बावजूद ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर सरकारी जमीन पर बनी दो दुकानों को तोड़ दिया। इस दौरान तीन प्रवर्तन अधिकारी व पुलिस जाब्ता मौजूद था। हालांकि ट्रांसपोर्ट नगर में हो रहे दूसरे अवैध निर्माणों पर जेडीए लंबे समय से कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इसको लेकर लोगों ने कई बार शिकायत की है।

मकान बने नहीं और कार्रवाई के आड़े आई विकास समिति

गणपति नगर विस्तार विकास समिति ने ट्रिब्यूनल कोर्ट के स्टे की कॉपी दी। जेडीए के एडिशनल कमिश्नर ओमप्रकाश बुनकर का कहना कुछ भूखंडों पर चारदीवारी है। विकास समिति ने जनवरी 2017 में पूरे 104 बीघा का नक्शा देते हुए केवल 75 भूखंडों का पट्टा व रिकॉर्ड दिया था। पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है।

सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि जेडीए दस्ता मौके पर ही नहीं पहुंचा। गुप्त प्लानिंग के बावजूद दूसरे पक्ष के लोग और वकील मौजूद थे। जेडीसी ने मामले के प्रवर्तन अधिकारी को ओआईसी बदले हुए अब केस डिप्टी कमिश्नर एकता काबरा को दिया है। वहीं रविवार को हुए प्रकरण की जांच के लिए एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर को निर्देश दिए है। जांच के बाद इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों को चार्जशीट दी जाएगी।

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