कर्नाटक के नतीजों में उलझे शाह, प्रदेश अध्यक्ष का मामला टला
कर्नाटक विधानसभा चुनावों के अस्पष्ट नतीजों से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति का विवाद कुछ दिनों के लिए और खिंच सकता है। पहले पार्टी में यह चर्चा थी कि 15 मई को कर्नाटक में पूर्ण बहुमत मिलते ही भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान में प्रदेश संगठन की आपत्तियों को दरकिनार कर यहां के लिए नए प्रदेशाध्यक्ष का नाम घोषित कर देगा। लेकिन अब कर्नाटक में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने की वजह से वहां जोड़-तोड़ की राजनीति हावी हो गई है। ऐसे में भाजपा का पूरा फोकस अभी कर्नाटक में सरकार बनाने पर शिफ्ट हो गया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने 16 अप्रेल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद केंद्रीय संगठन की ओर से कृषि राज्यमंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम प्रदेशाध्यक्ष के लिए आगे किया गया लेकिन प्रदेश संगठन इस पर राजी नहीं है। मामले को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, संगठन महामंत्री रामलाल से भी मिल चुकी हैं। इस मुलाकात को काफी समय हो गया लेकिन नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम का ऐलान नहीं हो सका। ऐसे में यह माना जा रहा था कि कर्नाटक चुनाव के बाद इस विवाद का पटाक्षेप हो जाएगा और आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रदेश भाजपा की कमान संभालने वाले नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी।
कर्नाटक के नतीजों को लेकर प्रदेश भाजपा में सुबह से ही काफी हलचत देखने को मिल रही थी। अशोक परनामी के इस्तीफा देने के बाद पिछले 29 दिनों से यहां प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी खाली है क्योंकि इसके लिए नए नाम पर केंद्र और प्रदेश संगठन में सहमति नहीं बन सकी है। भले ही भाजपा को कर्नाटक में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है लेकिन मौजूदा नतीजों से भी केंद्र की छवि और ज्यादा मजबूत हुई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में राष्ट्रीय नेतृत्व अपने हिसाब से प्रदेशाध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकता है।
कर्नाटक को राजस्थान में दोहराएगी भाजपा: प्रभुलाल
जयपुर। कर्नाटक के नतीजों से उत्साहित प्रदेश भाजपा के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि यह कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ते हुए कदम हैं। मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनावों में मिली ऐतिहासिक सफलता से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है और इन नतीजों को राजस्थान में भी दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजस्थान में भी जातिवाद पर आधारित मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है एवं नकारा विपक्ष की भूमिका में ठप्पा लगवा चुकी है। सैनी ने कर्नाटक की जीत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व टीम भाजपा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आमजनता का विश्वास जीता है और जनता ने कांग्रेस को नकारा है। कांग्रेस ने कर्नाटक चुनावों में जातिवाद का जहर घोलने का पूरा-पूरा प्रयास किया एवं भारत की जनता के चहेते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को गंदी से गंदी भाषा में टिप्पणी कर हद पार कर दी थी, परन्तु कर्नाटक की जनता का आभार कि कांग्रेस को धरती दिखाकर भारतीय जनता पार्टी में विश्वास जताया है। सैनी ने कहा कि राजस्थान में कृषि, सड़क, बिजली, पानी, युवा, बेरोजगार, महिलाएं, दलित आदि ऐतिहासिक विकास की योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता फिर से कर्नाटक को राजस्थान में दोहराया जाएगा।
कांग्रेस को बताया नाकारा विपक्ष