लापरवाही से मौत के मामले में ठेकेदारों को जेडीए की क्लीनचिट
सड़क पर काम करने के दौरान बेरिकेड्स नहीं लगाने पर हादसे में एक व्यक्ति के जान गंवाने और एक अन्य युवक के घायल होने के मामले में जेडीए ने ठेकेदारों को क्लीनचिट दे दी। एक माह बाद ही अब हाल यह है कि सड़क पर काम करने के दौरान बेरिकेड्स नहीं लगाए जा रहे हैं। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। एक्सईएन दीपक बालचंदानी ने फर्म को नियमों की अवहेलना करने पर नोटिस देने व कार्रवाई करना ही जरूरी नहीं समझा।
शहर 17 मार्च को जवाहर सर्किल से जगतपुरा जाने वाली सड़क पर नंदपुरी मोड के पास ड्रेनेज के लिए खुदे गड्ढे में गिरने से एक जने की मौत हो गई। यहां पर बेरिकेड्स नहीं लगे थे। मृतक मनोहरपुरा कच्ची बस्ती का रहने वाला था और सिलाई का काम करता था। जेडीए ने ड्रेनेज का काम 3 करोड़ रुपए में गुप्ता केएन कंपनी दे रखा था। उसी दिन शहर के सोढ़ाला एलिवेटेड रोड पर काम के दौरान लापरवाही से मजदूर के घायल होने पर एक दिन ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद जेडीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जेडीए ने अभी तक संबंधित ठेकेदार फर्म को नोटिस तक नहीं दिया है। इसके साथ ही सुरक्षा मापदंडों की ऑडिट भी नहीं हो हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां पर मजदूरों के लिए ड्रेस व हेलमेट की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी तथा बेरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर की भी दिक्कत है। जमीन खुदाई के दौरान गड्ढे के पास बेरिकेड्स व रिफ्लेक्टर लगाने के नियमों का उल्लंघन किए जाने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई के मामले में जेडीए बैकफुट पर है। सुरक्षा मापदंडों व नियमों का उल्लंघन करने पर फर्मों के खिलाफ कार्रवाई व पेनल्टी का प्रावधान है। जेडीए एक्सईएन (ड्रेनेज) दीपक बालचंदानी का कहना है कि फर्म को नोटिस देने व कार्रवाई करने जैसा कोई नहीं था। सब कुछ उसी समय हो गया था।