कोटा, बीकानेर, जोधपुर संभागीय आयुक्त का पद महीनों से खाली
जयपुर | राज्य के सात में से तीन संभागीय आयुक्त और एक जिले में कलेक्टर का पद महीनों से खाली चल रहा है। कोटा, बीकानेर और जोधपुर संभागों के संभागीय आयुक्तों का चार्ज जिले के कलेक्टरों को दे रखा है, जबकि प्रतापगढ़ कलेक्टर का अतिरिक्त चार्ज एडीएम संभाल रहे हैं। संभागीय आयुक्त का पद जिलों में माॅनिटरिंग के लिहाज से सबसे प्रभावशाली होता है। संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों और कानून व्यवस्था तक की मानिटरिंग की कमान आयुक्त पर होती है। लेकिन इन चारों पद पर पोस्टिंग के लिए सरकार के स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसा भी नहीं है कि अफसरों की कमी है। लेकिन इसके बावजूद ये पद खाली होने से आमजन के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से आज तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। उधर, मुख्य सचिव एनसी गोयल का कहना है कि जो भी खाली पद चल रहे हैं, उनको जल्द से जल्द भरने की कोशिश की जाएगी। बता दें कि कोटा संभागीय आयुक्त का पद मई 2017 से खाली चल रहा है। तत्कालीन संभागीय आयुक्त रघुवीर सिंह मीणा के रिटायरमेंट के बाद से ही इसे भरा नहीं गया।
बीकानेर संभागीय आयुक्त सुआ लाल के सितंबर 2017 में सेवानिवृत्त होने के बाद से ही पद खाली चल रहा है। जबकि जोधपुर में नवंबर 2017 में रतन लाहोटी के रिटायरमेंट के बाद से संभागीय आयुक्त का पद खाली है। प्रतापगढ़ जिले की कलेक्टर नेहा गिरी चार महीने से अधिक समय से अवकाश पर है। उनका चार्ज एडीएम के पास है, लेकिन किसी नए व्यक्ति को कलेक्टर नहीं लगाया जा रहा है।