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जीवन को मर्यादित बनाती है रामकथा

3 वर्ष पहले
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जयपुर | अधिकमास में हो रही कथाओं के क्रम में वैशाली नगर टैगोर पब्लिक स्कूल में श्री राम प्रेम रस कथा के दूसरे दिन गुरुवार को स्वामी प्रियाशरण महाराज ने रामकथा को हमारे जीवन की आचार सहिंता बताया। उन्होंने कहा कि हमारे वैदिक सनातन धर्म में अनेक ग्रंथ हैं। उन सभी ग्रंथों में तुलसीदास कृत रामचरित्र मानस सबसे सरल व सरस होते हुए भी ज्ञान का अनंत भंडार है। इस कथा के माध्यम से हम अपने जीवन को मर्यादित व चरित्रवान बना सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के लिए महापुरुषों द्वारा रचित ग्रंथों के प्रमाण की आवश्यकता होती है। हमारे शास्त्रों में धर्म के जितने भी विधि विधान लिखे हैं। उनके अनुसार हम सभी को भगवान राम के जीवन का आचरण करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम का आदर्श रखा है। उन प्रभु श्रीराम की लीलाओं के गायन, श्रवण से श्रोता व वक्ता दोनों का मन शुद्ध हो जाता है। ऐसी वाणी का श्रवण करने से मन भी प्रसन्न हो जाता है। कथा का आयोजन ओकेप्लस बिल्डर्स एंड डवलपर्स के तत्वावधान में ओकेप्लस फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत ‘कृष्ण भावनामृत सेंटर के सहयोग से किया जा रहा है। कथा के बाद राम स्तुति व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कथा प्रतिदिन 24 मई तक शाम 4:00 से 7:30 बजेेे तक होगी। इसी दरम्यान रोज सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक विशेष संकीर्तन होगा।

14 साल के प्रियाशरण सुनाएंगे भागवत : 14 साल के बालसुक प्रियाशरण महाराज (श्रीधाम वृंदावन) 20 मई से रामसुख वाटिका यूनियन बैंक के पास विश्वेसरिया नगर त्रिवेणी नगर गोपालपुरा में भागवत कथा का वाचन करेंगे।

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