छह महीनों से मानदेय को तरसे मदरसा पैराटीचर
मदरसों में काम करने वाले साढ़े छह हजार से अधिक पैराटीचर 6 महीनों से मानदेय को तरस रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे कारण है मदरसा बोर्ड के कार्य सत्यापन के लिए बनाई गई योजना।
कहने को मदरसा पैराटीचर्स के मानदेय में होने वाली देरी से निपटने के लिए यह योजना बनाई थी, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाई है। राजस्थान मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सैय्यद मसूद अख्तर ने बताया कि कई बार मदरसा बोर्ड के अधिकारियों को ड्यूटी सर्टिफिकेट, बैंक अकांउट नंबर आदि दे चुके हैं। लेकिन अधिकारी मानदेय नहीं दे रहे हैं। अप्रैल में बच्चों के स्कूल में प्रवेश दिलाने, उनकी फीस चुकाने का समय होता है। लेकिन सरकार मानदेय के लिए कोई पहल नहीं कर रही। अख्तर ने चेतावनी दी कि जल्दी ही मानदेय नहीं मिला तो वे परिवार सहित धरना देंगे। विभाग की लापरवाही से हजारों मदरसा मदरसा पैराटीचर्स परेशान हो रहे हैं।