बायोफ्यूल प्राधिकरण की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
प्रदेश में कैमिकल मिक्स पाम ऑयल की बायो-डीजल के नाम पर खोले गए पेट्रोल पंपों पर अवैध बिक्री किए जाने का बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य में खासकर हरियाणा से लगते जिलों में बायो-डीजल के नाम पर अवैध पंपों का संचालन किया जा रहा है। जबकि, केंद्र एवं राज्य सरकार ने बायो-डीजल की रिटेल बिक्री पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। बायो-फ्यूल प्राधिकरण ने भी माना है कि प्रदेश में बायो-डीजल के चार पंपों की जांच की गई थी, लेकिन चारों में ही बायो-डीजल नहीं पाया गया। प्राधिकरण ने आशंका जताई है कि हरियाणा से तस्करी के जरिए डीजल लाकर इन अवैध पंपों से बेचा जा रहा है। कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को लिखा गया है। उधर, गृह सचिव ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि हरियाणा का सक्रिय तेल माफिया यह खेल कर रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि बायो-डीजल की रिटेल बिक्री को केंद्र एवं राज्य सरकार ने प्रतिबंधित किया हुआ है। क्योंकि, अभी तक बायो डीजल का उत्पादन राज्य सरकार के मानकों अनुसार होता ही नहीं है। तथाकथित बायो-डीजल बेच रहे अवैध पंप संचालक पाम ऑयल में कुछ रसायन का मिश्रण तैयार करते हैं। जो बायो-डीजल के नाम पर बेच रहे हैं। इससे ने केवल राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है बल्कि, यातायात के साधनों का भारी नुकसान हो रहा है। विधिवत स्थापित पेट्रोल पंप मालिकों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पंपों की सैंपलिंग में बायो-डीजल नहीं मिला
हमने 4 पंपों की सैंपलिंग करवाई थी। इनमें बायो-डीजल नहीं था। बेसिकली हरियाणा से तस्करी का डीजल लाकर इन पंपों के जरिए अवैध रूप से बेचा जा रहा है। हमने राज्य सरकार के साथ सभी कलेक्टरों को कार्रवाई के लिए लिखा है। -सुरेंद्र सिंह राठौड़, सीईओ एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर, बायो-फ्यूल प्राधिकरण
यूं बायो डीजल के कई फायदे
कम प्रदूषण व अच्छा पिकअप मिलता है। पेट्रोलियम आधारित डीजल के मुकाबले ये ज्यादा चिकना होता है, इससे इंजन कम कंपन करता है। आम डीजल से इसकी रेट कम होगी, ज्यादा माइलेज/एवरेज देता है।
नाम बायो-डीजल का, बिक्री हो रही कैमिकल मिक्स पाम ऑयल की
इस तरह हुआ खुलासा
राज्य सरकार ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को अवैध रूप से संचालित ऐसे पंपों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। लेकिन, कहीं कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन झुंझुनूं के अध्यक्ष केसर सिंह कटेवा ने गृह विभाग को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि हरियाणा के सीमावर्ती अकेले झुंझुनूं जिले में 19 पंप संचालित किए जा रहे हैं। बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इसमें हरियाणा माफिया शामिल है, जो वैध पंप संचालकों को धमकियां दे रहे हैं।
हरियाणा से डीजल की भी तस्करी
जानकारों का मानना है कि हरियाणा और राजस्थान में डीजल के दामों में 6 रुपए तक का अंतर है। इसलिए, वहां से डीजल की तस्करी हो रही है। जो बायो-डीजल के नाम से बेचा जा रहा है। ऐसे पंपों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार के साथ सभी कलेक्टरों को भी लिखा गया है।