निगम के नियमों के 11 खिलाड़ी जो जयपुर से िफर आईपीएल को आउट कर सकते हैं
जयपुर। जयपुर में चार साल बाद हो रहे आईपीएल मैच के लिए निगम ने ऐसी बाधाएं रख दी हैं जिनके सामने आरसीए और आईपीएल मैच आयोजकों का बोल्ड होना तय है। इसमें स्टेडियम में खाने में इस्तेमाल हो रहे पानी की शुद्धता, पराेसने वालों की स्वास्थ्य जांच और मक्खी-मच्छर भगाने की व्यवस्थाएं तक शामिल हैं। निगम ने शायद पहली बार किसी कार्यक्रम आयोजक से ऐसी जानकारियां मांगी हैं। ऐसे में आईपीएल का आयोजन नगर निगम की गुगली में फंसता नजर आ रहा है।
बाधा 1 : खाना परोसने वालों को कहीं टीबी तो नहीं है?
नगर निगम ने आरसीए और राजस्थान रॉयल्स से यह सवाल किया है कि स्टेडियम में फूड हैंडलर यानि खाना पराेसने वाले व्यक्तियों को किसी प्रकार की छूत की बीमारी, टीबी, टाइफाइड, पैरा टाइफाइड, हैजा, स्वाइन फ्लू, चिकनपॉक्स तो नहीं है?
शहर की स्थिति : निगम ने शहर के 3000 रेस्टारेंट, 800 होटल, 15000 छोटे टी स्टॉल के कर्मचारियों की कितनी बार जांच की?
बाधा 2 : फूड कोर्ट परिसर में मक्खी, मच्छर भगाने की क्या व्यवस्था है?
निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र कुमार गर्ग ने पत्र लिखकर पूछा है कि स्टेडियम में बनाए गए फूड कोर्ट में मक्खी-मच्छर और अन्य किटों को भगाने की क्या व ्यवस्थाएं हैं?
शहर की स्थिति : निगम ने जिन प्रतिष्ठानों को फूड लाइसेंस जारी किया है, वहां मक्खी, मच्छरों की कितनी बार जांच की? जबकि शहर में मिठाइयां तक खुले में बिकती हैं।
बाधा 3 : स्टेडियम में पॉलिथीन का इस्तेमाल क्यों ?
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के इस पत्र में यह भी उल्लेख है कि जयपुर में पॉलिथीन कैरी बैग के इस्तेमाल पर रोक है, ऐसे में आयोजक क्या यह बता सकते हैं कि उन्होंने स्टेडियम में मैच के दौरान पॉलिथीन बैग का इस्तेमाल रोकने के लिए क्या किया है?
शहर की स्थिति : थड़ी-ठेलों से लेकर शहर की सभी मंडियों में पॉलीथिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। अब तक शहर में पॉलिथीन का प्रयोग बंद क्यों नहीं हुआ?
बाधा 4 : कचरे के सेग्रिगेशन की क्या व्यवस्था?
शहर में चाहे घर-घर से ठोस और तरल कचरा एकसाथ उठाया जा रहा हो लेकिन निगम ने आईपीएल आयोजकों से यह सवाल किया है कि उनके यहां सूखा और गीला कचरा अलग करने की क्या व्यवस्था है? इसमें कचरा पात्रों की साइज का पेच और फंसा दिया गया है?
शहर की स्थिति : नगर निगम की जो गाडियां घर-घर कचरा संग्रहण करती हैं उनमें से एक में भी सेग्रिगेशन का प्रबंध नहीं है। शहर में लगे डस्टबिन के रंग भले ही अलग हों लेकिन कचरा सूखा और गीला बराबर डलता है।
निगम की और अजब-गजब बाधाएं
6. क्या फूड कोर्ट धूम्रपान निषिद्ध क्षेत्र घोषित है? 7.क्या उपलब्ध खाद्य पदार्थों पर विक्रय दर छपी है? 8. खाद्य पदार्थ बेचने के लिए निगम की अनुमति ली है? 9. परिसर में भट्टी, गैस, ओवन चलाने के लिए फायर एनओसी है क्या? 10. सॉलिड वेस्ट के निस्तारण क्या व्यवस्था है? 11. क्या स्टेडियम में कचरे से कम्पोस्ट और मीथेनाइजेशन के िलए मशीन की व्यवस्था है?
बाधा 5: फूड कोर्ट में पानी कितना शुद्ध?
नगर निगम के इस पत्र में यह भी सवाल उठाया गया है कि एसएमएस स्टेडियम के फूड कोर्ट में खाना बनाने के लिए जिस पानी का इस्तेमाल हो रहा है, उसकी शुद्धता की क्या गारंटी है।
शहर की स्थिति : शहर के होटल और रेस्त्रां और अन्य प्रतिष्ठानों को फूड लाइसेंस निगम ही जारी करता है लेकिन आज तक कहीं भी खाने बनाने में पानी की गुणवत्ता की जांच हुई है?