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सेंट एंसलम्स स्कूल ने घटाई फीस, विद्याश्रम स्कूल कलेक्ट्रेट में तलब

3 वर्ष पहले
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स्कूलों में फीस की मनमानी वसूली के खिलाफ अभिभावकों की बुलंद आवाज और उस आवाज को स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और सरकार तक पहुंचाने वाली भास्कर की खबरों ने मंगलवार को पूरा असर दिखाया। निवारू रोड सेंट एंसलम्स स्कूल प्रबंधन ने फीस बढ़ोतरी वापस ले ली। पिछले एक सप्ताह से चल रहे आंदोलन के चलते मंगलवार को स्कूल प्रबंधन फीस में कटौती को राजी हो गया। स्कूल के अभिभावकों के पास फीस रिवाइज करने का मोबाइल एसएमएस भी पहुंचा है। पेरेंट्स वेलफेयर सोसायटी के संयोजक दिनेश कांवट और अभिभावक पंकज अग्रवाल का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने फीस कम करने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना अभिभावकों को दे दी है। रिवाइज फीस की बुकलेट जल्दी ही अभिभावकों को दी जाएगी। फीस जमा कराने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। जिसने बढ़ी फीस जमा करा दी है, वह भी एडजस्ट हो जाएगी। विद्याश्रम स्कूल में चल रहा फीस बढ़ोतरी का विवाद मंगलवार को जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन तक पहुंच गया। शिक्षा विभाग को अभिभावकों ने फीस बढ़ोतरी की शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर ने इस मामले पर दखल देते हुए स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अफसरों से बुलाया और वार्ता की। बैठक में स्कूल प्रबंधन को नियमानुसार ही फीस बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए गए।

उधर, विभाग और सरकार में भी हलचल रही। सरकार ने स्पष्ट किया- सीबीएसई के अधिकारियों के साथ मिलकर राज्य सरकार निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर अंकुश लगाएगी और फीस एक्ट की पालना कराएगी। इस मामले को लेकर शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक के साथ वार्ता करेंगे। देवनानी बताया- फीस वृद्धि से संबंधित मीडिया में प्रकाशित समाचारों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। सीबीएसई अधिकारी से कहा जाएगा कि अगर निजी स्कूल में एक्ट की पालना नहीं हो रही है तो सख्त एक्शन लिया जाए। ताकि निजी स्कूल मनमानी नहीं कर सके। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है- वे यह फीस एक्ट का पालन जरूर कराएं।

स्कूल बैकफुट पर, सरकार एक्शन में...मुद्दा बाकी है

फीस वृद्धि पर सबको एतराज, विभाग में िसर्फ 2 शिकायत

निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर बवाल मचा है। आए दिन किसी ना किसी स्कूल में फीस बढ़ाने पर हंगामा और आंदोलन हो रहे हैं। अब तो कांग्रेस भी अभिभावकों के पक्ष में आंदोलन पर उतर आई है। इतना होने के बावजूद शिक्षा विभाग के पास फीस बढ़ोतरी की शिकायतें नहीं पहुंच रहीं।

...और िजम्मेदार बोले- हमारे पास नहीं आई िशकायत

अभिभावक सीधे शिकायत नहीं दे सकते। स्कूल फीस कमेटी की बैठक के बाद अगर फीस को लेकर कोई विवाद होता है तो स्कूल प्रबंधन संभाग स्तरीय फीस कमेटी में जा सकता है। अभी तक हमारे पास स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की तरफ से फीस को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। - राजेश्वर सिंह, संभागीय आयुक्त जयपुर

फीस वृद्धि के विरोध में आज 16 स्थानों पर शिक्षा मंत्री के पुतले फूंकेगी कांग्रेस

स्कूलों में फीस का मसला अब राजनीतिक रंग ले रहा है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर हावी हो रही है। सोमवार को भी कांग्रेस ने शिक्षा संकुल पर प्रदर्शन किया था

स्कूलों में फीस की मनमानी बढ़ोतरी और विशेष कंपनियों के जूते, कपड़े व किताबें खरीदने की पाबंदी के खिलाफ जयपुर जिला कांग्रेस बुधवार को “फीस घटाओ-बचपन बचाओ’ अभियान शुरू करेगी। इसके तहत शहर के 16 मुख्य स्थानों पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पुतले फूंके जाएंगे। फिर भी सरकार ने स्कूलों पर लगाम नहीं लगाई तो सार्वजनिक समारोहों में मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों को घेराव किया जाएगा। आंदोलन की यह घोषणा मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने की। पत्रकारों से रूबरू खाचरियावास ने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूलों के तानाशाहीपूर्ण रवैये को राज्य की भाजपा सरकार बढ़ावा दे रही है। सरकार की मिलीभगत का ही परिणाम है कि स्कूलों को मनमानी फीस बढ़ाने की छूट मिली हुई है। राज्य सरकार के फीस नियंत्रण कानून 2016 के बावजूद प्राइवेट स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी कर दी। जबकि इस कानून के तहत राज्य सरकार और अभिभावकों की सहमति के बिना फीस बढ़ाई नहीं जा सकती।

हमारे यहां निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हो रही है। जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भिजवा दी जाएगी। - अनिल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक जयपुर

केवल एक स्कूल की शिकायत आई है। शिकायत से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। - अशोक शर्मा, अति. जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम

वजह- या तो अभिभावकों को अफसरों पर भरोसा नहीं है या उन्हें शिकायत कहां की जाए। इसकी जानकारी नहीं है। अब तक शिक्षा संकुल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में फीस बढ़ोतरी को लेकर केवल दो शिकायतें ही अब तक पहुंची है। संभागीय आयुक्त कार्यालय में तो संभागस्तरीय फीस कमेटी का गठन भी नहीं हुआ है।

मेरे पास फीस बढ़ोतरी को लेकर अभी तक अभिभावकों की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - महेशचंद गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक द्वितीय

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