बटालियन के असि. कमांडेंट दिलीप शर्मा का कहना है कि आवेदन पत्रों की जांच भर्ती कमेटी ने की है। प्रारंभिक जांच में साढ़े 11 सौ से ज्यादा आवेदनों में साढ़े नौ सौ आवेदनों में अलग अलग दस्तावेजों की कमियां मिली। जिसके चलते उनको निरस्त कर दिया गया। योग्य पाए गए करीब 200 आवेदकों का 28 एवं 29 मई को इंटरव्यू होगा।
स्वीपर-कुक के 9 पद, 1177 आवेदन, 977 निरस्त
अधिकतर आवेदकों का रोजगार कार्यालय में पंजीयन नहीं होने या फिर दस्तावेज सही क्रम में नहीं होने के कारण किया निरस्त
क्राइम रिपोर्टर जयपुर
आरएसी पांचवीं बटालियन में कुक व स्वीपर के नौ पदों के लिए आए 1177 आवेदनों में से विभाग ने 977 आवेदनों को भर्ती कमेटी ने सामान्य जांच के दौरान निरस्त कर दिया। कुक के दो पदों के लिए केवल 49 आवेदक व स्वीपर के सात पदों के लिए 151 आवेदकों को योग्य माना है। अब इन योग्य आवेदकों का 28 एवं 29 मई को इंटरव्यू होगा। सीधी भर्ती में सामान्य जांच में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा आवेदकों को बाहर कर देने के बाद पुलिस मुख्यालय में इस भर्ती को लेकर खासी चर्चा है। आरएसी की पांचवीं बटालियन ने कुक के दो पदों और स्वीपर के पांच पदों के लिए आवेदन मांगे थे। जिसमें आवेदन की अंतिम तिथि एक दिसंबर 2017 तक 1177 आवेदन आए। आरएसी अफसरों का कहना है कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद भी 200 आवेदन आए। जिनको भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया। साथ ही 1177 आवेदनों की जांच की। जिसमें करीब चार सौ से अधिक आवेदनों में रोजगार पंजीयन होने की जानकारी नहीं दी गई थी। कुछ आवेदकों ने चरित्र प्रमाण पत्र तो लगाया लेकिन ये नहीं लिखा कि चरित्र प्रमाण पत्र किसने जारी किया। कुछ आवेदनों पर चरित्र प्रमाण पत्र के जारी होने की तारीख ही नहीं लिखी गई। इस तरह से 977 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।
1177 आवेदन पत्रों की जांच में भर्ती के लिए केवल 200 आवेदकों को योग्य माना
11 बटालियन में 11 दिन चला था इंटरव्यू, कराया था प्रैक्टिकल
11 वीं बटालियन में इन्हीं पदों के लिए हाल ही में भर्ती हुई है। इसमें इंटरव्यू 11 दिन तक चले थे। करीब दो सौ आवेदन निरस्त किए गए थे और 33 से ज्यादा आवेदकों को इंटरव्यू में बुलाया गया था। भर्ती कमेटी ने आवेदकों से प्रेक्टिकल काम करवाकर देखा था। इंटरव्यू के दौरान देखा था कि कुक के आवेदक सही तरीके से आटा लगाना, रोटी बनाना और सब्जी काटना भी जानते है या नहीं। साथ ही कमेटी ने मसाले लाकर रखे थे जिनके नाम पूछे थे। कई आवेदक तो जीरा और सौंफ में फर्क नहीं समझ पाए थे।