शहर में ऐसा गिरोह आया हुआ है जो आपको मुनाफे या ईनाम का लालच देकर आपका चेक खुद के पैन से भरता है। पैन की स्याही ऐसी है कि कुछ भी देर बाद अपने आप मिट जाती है और बदमाश अपनी मर्जी की रकम भरकर चेक से सेल्फ विड्रॉल करवाकर ठगी कर रहे हैं। ऐसा ही वाकया जवाहर नगर रामगली नं. 2 में रहने वाले व्यवसायी कृष्णा मेहंदीरत्ता के साथ हुआ।
मेंहदीरत्ता की जवाहर नगर में कृष्णा हार्डवेयर व पेंट्स के नाम से दुकान है। पीड़ित के अनुसार 14 मई को एक युवक उनकी दुकान पर आया और खुद को दैनिक भास्कर का प्रतिनिधि बताते हुए ईनामी स्कीम बताई। उसने कहा कि 360 रु. का चेक देने पर सालभर अखबार और 3 बार विज्ञापन प्रकाशन मुफ्त होगा। मेंहदीरत्ता उसके झांसे में आ गए और उसे चेक देने लगे। बदमाश ने पीड़ित से कहा कि वह खुद चेक भर देगा ताकि स्पैलिंग मिस्टेक नहीं हो। मेहंदीरत्ता ने उसे खाली चेक दे दिया। जिस पर ठग ने अपने मैजिक पेन से 360 रु. व फर्म का नाम भर दिया। कृष्णा ने अपने पेन से चेक पर हस्ताक्षर कर दिए। बदमाश चेक लेकर चला गया। दो दिन बाद मेहंदीरत्ता ने बैंक अकाउंट चेक किया तो 2 लाख 20 हजार रुपए का विड्रो होना सामने आया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित जवाहर नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे। वहां पता चला कि 360 रु. का जो चेक बनाया था उससे 2 लाख 20 हजार रु. निकाले गए हैं।
साथ ही जब बैंक से पैसे विड्रो हुए तो व्यापारी के मोबाइल पर मैसेज भी नहीं आया, क्योंकि सिम ब्लॉक करा दी गई थी। इस पर पीड़ित ने जवाहर नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस को ठग की फुटेज भी मिली है। साथ ही पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल सिम उसी समय ब्लॅाक कैसे हुई?
पुलिस को ठग की फुटेज मिली
बैंक अफसरों की सलाह
बैंक अधिकारियों के मुताबिक ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए ग्राहकों को अपने ही पैन से चेक भरना चाहिए। दरअसल, चैक से दो लाख से अधिक की नकद राशि निकालते समय बैंक अधिकारी केवल अल्ट्रा वायलेट लैंप से केवल चैक सही है या नहीं, यही देखते हैं। दो लाख से कम राशि निकालते वक्त तो यह भी नहीं देखा जाता। ऐसे में ग्राहकों को चेक जारी करते समय अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मैजिक इंक का इस्तेमाल कर पहले भी चेक से नकदी निकालने के फ्रॉड हो चुके हैं।