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एमपी-उड़ीसा के मौजूदा कानून जैसा बिल बनाया, फिर हमारा कानून क्यों अटका है?
पॉलिटिकल रिपोर्टर.जयपुर | राज्य सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों को रोकने संबंधी नौ साल पुराना बिल राष्ट्रपति से जल्द से जल्द मंजूर कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद प्रदेश में धर्मांतरण संबंधी प्रकरणों में निकाह या शादी से पहले कलेक्टर या एसडीएम की मंजूरी अनिवार्य कर दी है। गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखा है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश में बिल के प्रावधानों को गाइडलाइन के जरिए लागू कर दिया गया है। इसलिए, राष्ट्रपति से मंजूरी दिलाने का अनुरोध किया है। कटारिया ने लिखा है कि उड़ीसा व एमपी में लागू कानून के अनुरूप राज्य सरकार ने बिल बनाया, फिर भी इसे मंजूरी नहीं दी जा रही है ।