जयपुर | प्रदेश के सभी शहर-कस्बों के मास्टर प्लान
जयपुर | प्रदेश के सभी शहर-कस्बों के मास्टर प्लान के बाद अब जोनल प्लान बनाए जाएंगे। यूडीएच ने इसे जरूरी करते हुए बुधवार का सर्कुलर जारी किया। लेकिन प्लान बनाने की समय सीमा 240 दिन दी गई है, इससे तो प्लान अगली सरकार के गठन के बाद तक तैयार हो पाएंगे। ऐसे में यह सरकार नए जोनल प्लान को इम्प्लीमेंट नहीं करवा पाएगी। जोनल प्लान को लेकर यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने अधिकारियों की बैठक की। इसमें कोर्ट की गाइडलाइन तथा निकायों की डिमांड को देखते हुए रूपरेखा तैयार करने के आदेश दिए। नए आदेश के अनुसार जोनल प्लान भूखंडों या जोन की स्वतंत्र प्लानिंग के लिए जरूरी होंगे। किसी जोन को स्पेशल रीजन मानकर उसकी प्लानिंग के लिए जोनल प्लान जरूरी किए गए हैं। हर लोकल बॉडी को जोनल प्लान में हर प्रॉपर्टी की डिटेल बेस मैप तथा वर्तमान लैंड यूज का उल्लेख करना होगा। म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, यूडी टैक्स, अवैध निर्माणों के अप्रूवल, लैंड टाइटल, भू-उपयोग परिवर्तन आदि के कार्यों में जोनल प्लान को जरूरी माना जाएगा। जोनल प्लान को मास्टर प्लान और ले-आउट प्लान के बीच लिंक के रूप में उपयोग किया जाएगा। जोनल प्लान में इसके अलावा इंस्टीट्यूशंस, स्कूल, जल स्रोत, वन भूमि, ड्रेनेज, सीवरेज, पानी की लाइन, सुविधा क्षेत्र आदि का डिमार्केशन जरूरी रहेगा।
जोनल बाउंडरी तय करने में 15 दिन, डिटेल जोनल मैप के 30 दिन, डिटेल प्रॉपर्टी लेवल बेस मैप के 60 दिन, रेवेन्यू मैप के सुपर इंपोजिशन के लिए 15 दिन, बेस मैप के ग्राउंड वेरीफिकेशन के लिए 20 दिन, डिटेल जोनल प्लान को अंतिम रूप के लिए 20 दिन, मास्टर प्लान के सुपर इंपोजिशन के लिए 20 दिन, आपत्ति-सुझाव आमंत्रण के लिए 15 दिन, आपत्ति-सुझाव प्रक्रिया के 15 दिन, फाइनल ड्राफ्ट के लिए 20 दिन तथा प्लान अप्रूवल के लिए 10 दिन की समय सीमा रहेगी। इस तरह 240 दिन में जोनल प्लान बनाए जाएंगे।