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अब मोदी-शाह का मिशन राजस्थान, क्योंकि सरकार की एंटीइनकंबेंसी सबसे ज्यादा यहीं
कर्नाटक का भविष्य तय होने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस अब राजस्थान पर होगा। यहां इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि एमपी और छत्तीसगढ़ में भी इसी साल चुनाव होने हैं, लेकिन इन दोनों राज्यों में भाजपा लगातार तीन बार से सत्ता में है। सत्ता विरोधी माहौल एमपी, छत्तीसगढ़ के मुकाबले राजस्थान में ज्यादा है। हाल ही हुए दो लोकसभा व एक विधानसभा उपचुनाव में भी इसी एंटीइनकमबेंसी की वजह से भाजपा ने सारी सीटें खो दी थीं। इसके अलावा दूसरे दोनों राज्यों के मुकाबले राजस्थान में चुनाव का ट्रेंड सरकार विरोधी रहता आया है। यहां हर बार सत्ताधारी दल चुनाव हार जाता है और विपक्षी दल सत्ता में आता है। इसलिए एमपी और छत्तीसगढ़ के मुकाबले मोदी-शाह का राजस्थान पर फोकस ज्यादा रहेगा।
कर्नाटक के नतीजों के बाद दिल्ली में शाह कह चुके हैं कि 2019 के चुनाव से पहले के सारे चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी। यानी भाजपा 2019 में केंद्र में फिर से सत्ता में आने का रास्ता राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से ही तय मान रही है। इधर, प्रदेश भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए शाह टीम के साथ अगले माह से यहां कैंप करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के प्रदेश कार्यालय के आसपास ही शाह के लिए वार रूम तैयार होगा। चुनाव के दौरान शाह अपनी टीम के साथ यहीं से रणनीति लागू करेंगे।
नया अध्यक्ष जल्द, प्रदेश इकाई में होगा आमूलचूल फेरबदल
भाजपा की प्रदेश इकाई के राजनीतिक हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। अशोक परनामी से प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा लिए जाने के बाद एक माह गुजर चुका है लेकिन नया अध्यक्ष घोषित नहीं हुआ है। अब तक कर्नाटक चुनाव के कारण मामला अटका हुआ था। अब कर्नाटक में सत्ता हासिल होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा आजकल में हो सकती है। नए अध्यक्ष के साथ ही प्रदेश संगठन में भी आमूलचूल परिवर्तन होगा।
केंद्र सरकार ने की लोकतंत्र की हत्या : पायलट
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या कर दी। जेडीएस और कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद वहां के राज्यपाल ने केंद्र के इशारे पर भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया है। आज भाजपा की ओर से खुद को सबसे बड़ी पार्टी होने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन इससे पहले गोवा और मणिपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर चुनाव जीतकर सामने आई थी। इसके बावजूद दोनों ही प्रदेशों के राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता कांग्रेस को नहीं दिया था। यह स्थिति देश के लिए खतरा है। पायलट ने कर्नाटक की जीत को लेकर अति उत्साह व्यक्त किये जाने को भाजपा के नेताओं की ओर से खुद को मुगालते में रहने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चुनावों में भी कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही है, लेकिन भाजपा को जनता ने सत्ता की बागडोर संभालने हेतु स्पष्ट जनादेश नहीं दिया है। कांग्रेस के दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद भाजपा से लगभग 6 लाख वोट ज्यादा मिले हैं।