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30 वर्ष पहले दान की गई जमीन के ट्रस्टी ने निगम से पट्टे बनवाए

3 वर्ष पहले
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इंफ्रा रिपोर्टर. जयपुर | कंवर नगर के संत कंवर राम धर्मार्थ ट्रस्ट को 30 वर्ष पहले दान की गई जमीन पर एक ट्रस्टी ने अपनी प|ी व बेटे के नाम पट्टे बनवा लिए। इस संबंध में हरीश कुमार लौंगानी ने सुभाष चौक थाने में मामला दर्ज करवाया है। लौंगानी का कहना है कि 30 वर्ष पहले लक्ष्मी देवी और पुरसूमल ने सामाजिक कार्यों के लिए जमीन को संत कंवर राम धर्मार्थ ट्रस्ट को दान की थी। जमीन पर मैरिज हॉल बनाया गया था। दान के समय ट्रस्ट के सात पदाधिकारी थे। इनमें ट्रस्ट में मंत्री वासुदेव रामरखानी ही जिंदा है बाकी पदाधिकारियों का देहांत हो गया। हरीश कुमार लौंगानी का आरोप है कि वासुदेव ने अक्टूबर 2017 में नगर निगम में कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर अपनी प|ी पूनम व बेटे मनोज के नाम ट्रस्ट की जमीन को नाम करवा लिया। लौंगानी का कहना है कि ट्रस्ट को दान में दी गई जमीन का निजी मालिकाना हक नहीं होता।

बैंक अकाउंट से रुपए गायब होने पर मामला खुला : हरीश लौंगानी ने बताया कि उनके पिता लक्ष्मण दास ट्रस्ट में पदाधिकारी थे। एसबीआई कंवर नगर के अकाउंट में हेरफेर की उन्हें जानकारी मिली। इस पर उन्होंने वासुदेव से संपर्क किया। तब उन्होंने खुद की संपत्ति बताया। इसके बाद निगम से सूचना अधिकार में दस्तावेज निकलवाए तक मामले का खुलासा हुआ। मैरिज हॉल में लक्ष्मी देवी और पुरसूमल की प्रतिमाएं लगी है। मामले को लेकर डॉ. वासुदेव रामरखानी का कहना है कि कुछ लोग गलत आरोप लगा रहे है, वे गलत तरीके से ट्रस्ट में घुसकर मनमानी करना चाहते हैं। मैरिज हाॅल समाज का है इसमें सामाजिक कार्य सुचारू रुप से चल रहें हैं। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों में वे ही रहे हैं इसलिए समाज की पंचायत बुलाकर फिर से ट्रस्ट बनाने के लिए कहा लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और खुद का अलग से ट्रस्ट बनाने लगे।

कंवरनगर स्थित लक्ष्मीदेवी पूरणमल ट्रस्ट की धर्मशाला।

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