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इंक्यूबेशन क्लब में तैयार होंगे ऑटो-रोबोट के डिजाइन

3 वर्ष पहले
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स्टूडेंट्स ध्यान रखें कि हॉबी करियर की मुश्किलों को आसान बना देंगी। बशर्ते हॉबी और इंटरेस्ट में फर्क करने की समझ हो। ये बातें बिड़ला ऑडिटोरियम में मोटिवेशनल काउंसलर योगिता यश रावत ने कही। मौका था दैनिक भास्कर और जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित हो रहे तीन दिवसीय एजुकेशन एंड करियर फेयर के दूसरे दिन का। फेयर में करीब 39 स्टॉल्स में 11 यूनिवर्सिटी और 8 कॉलेजों के अलावा कोचिंग संस्थानों के स्टॉल्स भी शामिल हैं।परिष्कार कॉलेज, क्लेट प्रेप, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एसकेआईटी और बियानी जैसे कॉलेज व कोचिंग संस्थानों ने फेयर में हिस्सा लिया है। शनिवार को स्टूडेंट्स और पैरेंट्स ने बढ़-चढ़कर करियर काउंसलिंग सेशन में हिस्सा लिया।

3 कॉन्टिनेंट कोर्स देगा यूएसए व यूके में पढ़ने का मौका

एमिटी में बीबीए-3 कॉन्टिनेंट और बी.टेक -3 कॉन्टिनेंट कोर्स चलाए जा रहे हैं। ये कोर्स रेगुलर बीबीए व बी.टेक के मुकाबले अलग इसीलिए है क्योंकि आखिरी सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को यूएसए, यूके और इंडिया में कहीं किसी एक जगह एमिटी की किसी भी ब्रांच में पढ़ने का मौका मिलेगा। इसमें स्टूडेंट्स को उसी देश के प्रोफेसर पढ़ाते हैं, जहां जाकर वे पढ़ना चाहते हैं। वहीं फेस्ट में शनिवार को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने 1 घंटे का एप्टीट्यूट टेस्ट कंडक्ट करवाया जिसमें करीब 50 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।

100 ऑटोमोबाइल व रोबोटिक्स तैयार करने का लक्ष्य

आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ओल्ड कैम्पस में स्टार्टअप व इंक्यूबेशन के क्षेत्र में स्टूडेंट्स को बढ़ावा देने के लिए ओटोमोबाइल और रोबोटिक्स क्लब हाल ही में शुरू किया है। जहां स्टूडेंट्स फर्स्ट इयर से ही ऑटोमोबाइल व रोबोट भी डिजाइन कर सकेंगे। इंक्यूबेशन सेंटर के जरिए स्टूडेंट्स अपने प्रोजेक्ट को पेटेंट के लिए अप्लाय कर सकेंगे। करीब 70 मॉडल तैयार कर चुके हैं। साल भर में करीब 100 से अधिक मॉडल तैयार करने का लक्ष्य है।

काउंसलर योगिता यश के टिप्स

स्टूडेंट लाइफ में स्वॉट को तवज्जो दें। स्वॉट को एेसे समझें। एस- स्ट्रेंथ, डब्ल्यू- वीकनेस, ओ-अपॉर्च्युनिटी, टी-थ्रेट। अगर स्टूडेंट्स स्वॉट को तवज्जो नहीं देंगे तो अपने पैशन को कभी करिअर में डेवलप नहीं कर सकेंगे। उस स्थिति में वो दूसरो के नजरिए से सोचेगा।

स्टूडेंट्स सेल्फ एनालिसिस पर ध्यान दें। वे टीचर्स और पैरेंट्स की मदद भी ले सकते हैं।

करिअर की दिशा चुनने के लिए गूगल करना जरूरी नहीं। अपना असेसमेंट करने के बाद तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं।

ये सोच कर किसी फील्ड को करियर ना बनाएं कि मुझे इससे शॉर्ट टर्म में मुनाफा होगा। लॉन्ग टर्म के लिए सोचें।

हॉबी को जिंदा रखें, क्योंकि यह हैप्पीनेस कोशंट बढ़ाती है। उससे कभी करियर में रुकावट नहीं आती।

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