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आरएएस परिषद के विरोध के बाद लेखा सेवा परिषद आई समर्थन में

3 वर्ष पहले
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पॉलिटिकल रिपोर्टर. जयपुर | अन्य सेवाओं से आईएएस बनाए जाने को लेकर विवाद हो गया है। एक तरफ आरएएस एसोसिएशन अन्य सेवाओं से स्पेशल सलेक्शन के जरिए आईएएस बनाए जाने के विरोध में सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं शुक्रवार को राजस्थान लेखा सेवा परिषद ने मुख्य सचिव एनसी गोयल को ज्ञापन देकर अन्य सेवाओं से आईएएस बनाए जाने की प्रक्रिया जारी रखते हुए इसका कोटा बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि आईएएस सलेक्शन रूल्स के मुताबिक अन्य सेवाओं से आईएएस बनाए जाते हैं।

लेखा सेवा परिषद के अध्यक्ष हृदयेश कुमार जुनेजा ने बताया कि अन्य सेवाओं से यह चयन केन्द्र सरकार के नियमों के अनुरूप योग्यता के आधार पर मुख्य सचिव अध्यक्षता में गठित कमेटी की स्क्रीनिंग के आधार पर पारदर्शी प्रक्रिया से होता है। अपने-अपने क्षेत्रों की विशेष योग्यता एवं लंबा प्रशासनिक अनुभव रखने वाले ऐसे चयनित अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा एवं वन सेवा के अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवाओं में प्रमोशन का नियमित चैनल उपलब्ध है परन्तु अन्य राज्य सेवाओं के लिए इस प्रकार के प्रावधान नहीं हैं। अतः राज्य सेवाओं के आईएएस में प्रमोशन की वर्तमान व्यवस्था जारी रहना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को बताया कि केंद्र सरकार अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले प्राइवेट लोगों को आईएएस में लेटरल एंट्री पर विचार कर रही है ताकि सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों का उपयोग लिया जा सके, ऐसे में राज्य की विविध सेवाओं के अधिकारियों की प्रक्रिया को जारी रखा जाना उचित होगा। परिषद का कहना है कि राज्य की 75 से अधिक राज्य सेवाओं को देखते हुए अन्य सेवाओं से आईएएस में प्रमोशन का वर्तमान कोटा कम है। प्रतिनिधि मंडल ने कार्मिक विभाग के सचिव भास्कर सावंत से भी मुलाकात की।

उद्योग मंत्री के विशिष्ट सहायक ने भी किया प्रमोशन के लिए आवेदन

जयपुर |
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के विशिष्ट सहायक एवं राजस्थान प्रशासनिक सेवा सीनियर अफसर महेंद्र पारख के बाद अब उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत के विशिष्ट सहायक ब्रिजेंद्र सिंह परमार ने भी अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिए आवेदन किया है। परमार के आवेदन की संस्तुति खुद उद्योगमंत्री ने सचिव कार्मिक से की है। परमार ने भी सचिव कार्मिक के पास अपना आवेदन किया है, जिसमें स्पष्ट किया है कि अन्य सेवा से आईएएस में चयन करते समय अनुभव और योग्यता को ध्यान में रखा जाए। 27 साल की सेवा पूरी होने के बाद भी मुझे आईएएस में प्रमोशन के लिए अवसर नहीं मिल पाया है। ऐसे में कम अनुभव वाले अन्य सेवा के किसी अफसर का मनोनयन विधि सम्मत नहीं है। गौरतलब है कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसरों को 28 साल की सेवा पूरी करने के बाद भी आईएएस में प्रमोशन का मौका नहीं मिल पा रहा, जबकि उनसे कम नंबर पाने वाले अन्य सेवा के अफसरों का चयन 18 साल के अनुभव के आधार पर ही अब तक होता रहा। उसमें भी अब एक साल की छूट दे दी गई है।

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