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नंद-यशोदा जैसी उदारता रखें तो हमारे आंगन में भी कृष्ण खेलने को तैयार

3 वर्ष पहले
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निर्माण नगर के महावीर होटल में तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो कथा के अंतिम दिन रविवार को सेठ बनकर आए ठाकुरजी ने नानी बाई के 56 करोड़ का मायरा भरा। इसी के साथ कथा का विश्राम हो गया। व्यासपीठ से पं. उमेश व्यास ने कहा कि नानीबाई रो मायरो के प्रसंग से श्रीमद्भागवत और रामायण आदि की वाणी सार्थक होती लगती है, जहां भगवान कहते हैं कि वे अपने भक्तों के वश में रहते हैं।

कान्हा की बाललीलाओं ने मोहा मन

समर्पण गोशाला परिवार की ओर से श्रीगोविंददेव जी मंदिर में हो रही श्रीमद्भागवत कथामृत के 5वें दिन कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण करवाया गया। कथा व्यास संजीव ठाकुर ने कहा कि भगवान कृष्ण ने बचपन में माखन चुराया। माखन का अर्थ है भोग। भगवान चाहते हैं उनके भक्त उनकी भक्ति में लीन रहे। भौतिक पदार्थ उनकी राह में मोह बन कर आड़े नहीं आए। इसी वजह वे उनसे दूर कर देते हैं। इसके बाद गोवर्धन पूजन की कथा हुई। झांकी सजाई गई ।मुख्य ट्रस्टी अनिल शर्मा और नंदकिशोर अग्रवाल ने आरती उतारी।

अच्छी रुचि के बजाय सु-नीति पर चलें तो मिलेंगे प्रभु : पं. सुरेश शास्त्री

भाटिया भवन, आदर्श नगर में भाटिया बिरादरी प्रबंध समिति के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा में वामन अवतार, राम जन्म, श्री कृष्ण जन्मोत्सव तथा नंद महोत्सव को आनंद सहित मनाया गया। भाटिया भवन का प्रांगण इससे गोकुलमय हो गया। इस मौके पर भवन को कृष्ण जन्मोत्सव के लिए विशेष रूप से गुब्बारे से सजाया गया। कथामृत पाने के लिए शाम चार बजे से ही भक्तजनों की भीड़ उमड़ने लगी थी। कथा सुनने जैसलमेर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, गुजरात व विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां आए हैं। गोकुल धामवासी पं. सुरेश शास्त्री ने प्राचीन भारतीय विदुषियों के उदाहरण देते हुए सभी माताओं से अपने बच्चों में प्रारंभ से ही सुसंस्कारों का विकास करने व भगवद् भक्ति की प्रेरणा देने के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने राजा उत्तानवाद की रानियों सुरुचि एवं सुनीति में से अच्छी रुचि की बजाय सु-नीति पर चलने की सीख दी। कथा में ब्रज व अन्य तीर्थ स्थलों से आए 108 विद्वान ब्राह्मण प्रतिदिन मूल पाठवाचन पं.भूषणलाल हर्ष के सानिध्य में कर रहे हैं।

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