जयपुर| मौसमी बीमारी रोकने में नाकाम चिकित्सा विभाग खुद के डॉक्टरों की बीमारी का आंकड़ा नहीं जुटा पा रहा है। सरकार ने अधिकारी के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए नियम-कायदे बना रखे हैं। इसके तहत 50 की उम्र के बाद मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता है, लेकिन विभाग के पास डॉक्टरों ने सर्टिफिकेट नहीं हैं। सर्टिफिकेट के लिए विभाग ने कई बार डॉक्टरों को पत्र जारी किया लेकिन कोई असर नहीं हुआ। प्रदेश में करीब 17 हजार से अधिक डॉक्टर लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। इनमें से चुनिंदा डाक्टरों को छोड़ किसी ने मेडिकल सर्टिफिकेट जमा नहीं कराया है। यह बात स्वयं निदेशक स्वीकार रहे हैं।
यह है नहीं देने की वजह अधिकारियों से बातचीत में सामने आया कि कई डाक्टर बीमारी छुपाने की वजह से सर्टिफिकेट नहीं दे। सर्टिफिकेट देने के बाद बीमारी उजागर हो सकती है। तो कुछ विभाग के आदेशों प्रति सजग नहीं है। निदेशक जनस्वास्थ्य डा. वी.के.माथुर का कहना है कि डॉक्टरों को मेडिकल सर्टिफिकेट समिट करने के लिए कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने मेडिकल सर्टिफिकेट जमा नहीं कराया है। ऐसे में विभाग के पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। सर्टिफिकेट जमा कराने के लिए वापस से सूचना जारी की जाएगा।