पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • विभाग नहीं पकड़ रहा अवैध बूस्टर, इसीलिए शहर में बिजली कटौती

विभाग नहीं पकड़ रहा अवैध बूस्टर, इसीलिए शहर में बिजली कटौती

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जलदाय विभाग के इंजीनियर की सुबह जल्दी उठ कर अवैध बूस्टर नहीं पकड़ पाने की मार आधे शहर पर पड़ रही है। विभाग ने अपनी कमी छिपाने के लिए कलेक्टर के जरिए जयपुर डिस्कॉम पर दबाव बना कर आधे शहर में पेयजल सप्लाई के वक्त एक से डेढ़ घंटे की बिजली कटौती शुरु करवा दी। कुछ लोगों के अवैध बूस्टर लगाकर पानी खींचने का खामियाजा पूरी कॉलोनी को भुगतना पड़ रहा है। इनमें जगतपुरा, जवाहर नगर, आमेर, प्रतापनगर, जवाहरनगर, ज्योतिनगर, सी-स्कीम, सांगानेर, सोडाला, सोडाला, आदर्शनगर, तिलकनगर, बापूनगर, विद्याधरनगर, शास्त्रीनगर, चारदीवारी सहित अन्य इलाकों में बूस्टर की समस्या है। विभाग 5500 लाख लीटर रोजाना पानी सप्लाई कर रहा है। गर्मी के कारण पेयजल की डिमांड बढ़ गई है। पेयजल किल्लत व कम प्रेशर से पानी सप्लाई होने के कारण लोग अवैध बूस्टर लगा कर पाइपलाइनों से पानी खींच रहे है। पाइपलाइन के टेल एंड के उपभोक्ता को पेयजल नहीं मिल पाता है। विभाग हर साल अप्रैल से अवैध बूस्टरों के खिलाफ अभियान शुरु करता है, लेकिन इस बार विभाग के इंजीनियरों ने जल्दी उठ कर फील्ड में चैकिंग पर जाने से बचने व लड़ाई-झगड़ों से बचने के लिए बिजली कटौती की प्लानिंग बना ली।

डिस्कॉम ने नहीं मानी तो कलेक्टर से बनाया दबाव

जलदाय विभाग ने पेयजल सप्लाई के दौरान पेयजल कटौती करने का मसौदा बना कर पहले जयपुर डिस्कॉम के सिटी सर्किल को भेजा, लेकिन डिस्कॉम इंजीनियरों ने उपभोक्ता शिकायतों को देखते हुए इंकार कर दिया। इसके बाद जलदाय इंजीनियरों ने जिला प्रशासन की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया। कलेक्टर ने डिस्कॉम इंजीनियरों को पेयजल सप्लाई के दौरान बिजली कटौती करने को कहा। इसके बाद कटौती शुरु की ।

जयपुर डिस्कॉम: जलदाय विभाग के कहने पर कटौती शुरु की है

जयपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (सिटी) अजित सक्सेना का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारियों ने अवैध बूस्टर पर रोकथाम के लिए पेयजल सप्लाई के दौरान बिजली कटौती का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के तहत अब बिजली कटौती शुरु कर दी है।

पुलिस नहीं मिलती, इसलिए कार्रवाई नहीं हुई

जलदाय विभाग के इंजीनियरों की दलील है कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है। अवैध बूस्टर लोग अपने घर के अंदर लगाते है, ऐसे में चैकिंग के दौरान विवाद व झगड़ा होता है। पुलिस थाने में जाब्ता मांगने जाते है तो 2 से 4 घंटे निकल जाते है। ऐसे में चैकिंग नहीं हो पाती है। ऐसे में सिस्टम में सुधार जरूरी है।

जलदाय विभाग : अवैध बूस्टर रोकने है, बिजली कटौती करवानी पड़ी

जलदाय विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर दिनेश सैनी का कहना है कि शहर के अधिकांश इलाकों में अवैध बूस्टर चल रहे है। चैकिंग के दौरान विवाद होते है। ऐसे में कलेक्टर को बिजली कटौती करवाने की गुजारिश की थी। विभाग के इंजीनियर चैकिंग भी करेंगे।

खबरें और भी हैं...