जयपुर | महानगर की एडीजे कोर्ट ने शास्त्रीनगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पूर्व महापौर अशोक परनामी तथा ज्योति खण्डेलवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर स्वयं के पिता व भाई के नाम से फर्जी पट्टे जारी कर उन्हें रजिस्टर्ड करवाने के आरोपी महेश कुमावत की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में आरोपी महेश का छोटा भाई गजानंद कुमावत एवं पिता मोहरीलाल भी आरोपी हैं, जो फरार हैं। सरकारी वकील श्रीकृष्ण खण्डेलवाल ने कोर्ट को बताया कि तीनों ने अपने नाम से 15 मई, 2013 को एक ही दिनांक में पृथक-पृथक पट्टे बनाए गए , जिनमें से एक पट्टे पर पूर्व महापौर अशोक परनामी के तथा दूसरे पट्टे पर तत्कालीन महापौर ज्योति खण्डेलवाल के नाम के हस्ताक्षर करके फर्जी पट्टे बनाए थे। कोर्ट ने आरोपी को जमानत का लाभ देने से इंकार करते हुए उसकी अर्जी को खारिज कर दिया।