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पंद्रह दिन में हर उम्र के पेशेंट खुद बदल पाएंगे क्लीयर अलाइनर

3 वर्ष पहले
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दांतों की वजह से चेहरे की खूबसूरती बढ़ जाती है, लेकिन कई लोगों के दांत टेड़े-मेढ़े होने पर उन्हें ठीक करने के लिए वे ब्रेसेस लगवाने पड़ते हैं। वहीं आजतक दांतों में मैटल के ब्रेसेस लगवाने पर वे दूर से ही देखे जा सकते थे। लेकिन अब क्लियर अलाइनर के आने से ये प्रॉब्लम खत्म हो चुकी है। क्लीयर अलाइनर ट्रांसपेरेंट होने से वे दांतों पर नहीं दिखाई देते। इतना ही नहीं पेशेंट हर 15 दिन में अपने ब्रेसेस चेंज कर सकता है। इसे चेंज करवाने के लिए बार-बार डेंटिस्ट के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

HEALTH इश्यू

दांतों के हिसाब से बनाई जाती हैं प्लेट्स

पेशेंट की प्रॉब्लम को देखते हुए ये प्लेट्स बनाई जाती हैं। दांतों में कम प्रॉब्लम होने पर 7 से 10 प्लेट्स बनाई जाती हैं । वहीं अगर पेशेंट के दांतों में ज्यादा प्रॉब्लम हो तो 40 प्लेट्स तक बन सकती हैंै। ये प्लेट्स हर 15 दिन में चेंज की जाती हैंै। इसके इलाज में 5 से 18 महीने तक का समय लगता है। इतना ही नहीं क्लीयर अलाइनर हर उम्र के पेशेंट इस्तेमाल कर सकते हैं।

-डॉ. बलविंदर सिंह ठक्कर, डेंटिस्ट, जयपुर

ब्रेसेस में आए बदलाव

सबसे पहले मैटल के ब्रेसेस लगाए जाते थे, जो की दांतों पर दूर से ही दिखाई दे जाते थे , उसके बाद दांतों के रंग के ब्रेसेस लगाए गए वहीं फिर ब्रेसेस दांतों के पीछे लगाए जाने लगे ताकि वे दिखाई ना दें। अब नई तकनीक से बने ब्रेसेस क्लीयर अलाइनर पेशेंट अपने दांतों के लिए यूज कर रहे हैं।

दांतों पर नहीं दिखंेगे तार

अक्सर कई लोग अपने टेड़े-मेढ़े दांत ब्रेसेस की वजह से ठीक नहीं करवाते वे अपने लुक को लेकर काफी कॉन्शस रहते है। क्लीयर अलाइनर उन पेशेंट के लिए काफी फायदेमंद है। ये थर्मो प्लास्टिक से बनाए जाते हैं , वहीं ट्रांसपेरेंट होने के साथ- साथ इसे लगवाने के लिए बार- बार डेंटिस्ट के पास भी नहीं जाना पड़ता। ये पेशेंट के नाप के बनाए जाते हंै। जिस कारण पेशेंट आसानी से अपने दांतों में लगा सकते हैंै।

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