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प्लाज्मा बदलने पर दुबारा काम करेगी रिजेक्ट किडनी

3 वर्ष पहले
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हैल्थ रिपोर्टर जयपुर



किडनी पेशेंट्स का ब्लड प्रेशर कम हो रहा है। उन्हें हार्ट और लिवर प्रॉब्लम भी हैं। रुटीन डायलिसिस के दौरान उनका ब्लड प्रेशर गिरता ही जा रहा है। ब्लड प्रेशर मेन्टेन नहीं रहने के कारण डायलिसिस से रिलीफ नहीं मिल रहा है। ऐसे पेशेंट्स के लिए हीमोडायलिसिस (ब्लड से होने वाला डायलिसिस) में हीमो डाइ फिल्टर और फ्लेड डायलिसिस टेक्निक आ चुकी है। इन टेक्निक से डायलिसिस करने पर पेशेंट्स का ब्लड प्रेशर मेन्टेन रहेगा। वहीं, रिजल्ट भी बेहतर आएंगे। क्योंकि ब्लड प्रेशर ज्यादा लो होने पर पेशेंट का हार्ट बंद हो सकता है। डायलिसिस का असर भी नहीं रहेगा।

डायलिसिस में पेशेंट्स की बॉडी से टॉक्सिक पूरी तरह से निकाल दिए जाते हैं। जिन पेशेंट्स का डोनर से ब्लड ग्रुप मैच नहीं कर पा रहा है। उनमें एबीओ इनकॉम्पिटेबिल किडनी ट्रांसप्लाट किया जाता है। इन पेशेंट्स में ट्रांसप्लांट करने से पहले बॉडी में से रिएक्शन करने वाली एंटीबॉडीज निकाल दी जाती है। डायलिसिस से पेशेंट का प्लाज्मा निकालकर दूसरे व्यक्ति का प्लाज्मा इंजेक्ट किया जाता है। एंटीबॉडीज कम होने से ट्रांसप्लांट संभव हो पाता है। पेशेंट में प्लाज्मा एक्सचेंज करने पर उसे फायदा मिलेगा। ट्रांसप्लांट के बाद जिन लोगों में किडनी िरजेक्ट हो रही है। उन पेशेंट्स में प्लाज्मा एक्सचेंज करके किडनी को डैमेज करने वाली एंटीबॉडीज का लेवल कम किया जाता है। इससे किडनी दुबारा काम करना शुरू कर देती है। प्लाजमा थेरेपी से इसे कंट्रोल करना संभव है। ऐसा करनेेे पर एंटीबॉडीज का लेवल लो हो जाता है। प्लाज्मा थेरेपी का किडनी के अलावा न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में रोल है।

हीमोडायलिसिस में हीमो डाइ फिल्टर और फ्लेड डायलिसिस तकनीक से पेशेंट का ब्लड प्रेशर रहेगा मेन्टेन

ब्लड की कमी से खराब होती है किडनी

डिलीवरी के बाद और एक्सीडेंट के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होने से किडनी इंजरी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में, एक्यूट किडनी फेलियर होता है। इसमें डायलिसिस के बाद किडनी वापस से काम करना शुरू कर देती हैं। डायलिसिस बंद कर दिया जाता है। परमानेंट किडनी फेलियर होने पर उम्र भर डायलिसिस की जरुरत है। पेशेंट्स का हर सप्ताह दस से बारह घंटे डायलिसिस हाेना चाहिए। यानी चार-चार घंटे की तीन सीटिंग होनी चाहिए। डायलिसिस से किडनी ठीक नहीं होती। पेशेंट को जिंदा रहने और किडनी को चालू रखने के लिए डायलिसिस जरुरी है।

-डॉ. धनजंय अग्रवाल, नेफ्रोलॉजिस्ट, जयपुर

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