सोशल रिपोर्टर. जयपुर । प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी का रवि पुष्य नक्षत्र में रविवार को दूध और पंचामृत से अभिषेक किया गया। ऊं पय: औषधिषु पयो दिव्येन्तरिक्षे पयोधा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया।
अर्थवशीर्ष मंत्रों से गजानन को मोदक अर्पित किए गए। गणेशजी का मनोहारी श्रृंगार किया गया। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में सुबह 7:45 बजे से अभिषेक शुरू हुआ। सर्वप्रथम जल और गंगा जल से स्नान कराया गया। दूध, दही, घी, शहद, बूरा से तैयार पंचामृत से दिव्य अभिषेक किया गया। इसके बाद शुद्ध स्नान कराया गया। फिर सिंदूरी चौला और नवीन पोशाक धारण कराई गई। मोदक अर्पित करने के बाद दोपहर को गणेशजी को फूल बंगले में विराजमान किया गया। विशेष रूप से खीर का भोग लगाया गया। श्वेत सिद्धि गणेश का भक्तों ने किया अभिषेक सूरजपोल के श्वेत सिद्धि गणेश मंदिर में महंत मोहनलाल पांडे के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने दूध से अभिषेक किया। ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेशजी मंदिर में महंत जय शर्मा ने अभिषेक किया। बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में अभिषेक कर सिंदूरी चौला धारण कराया गया।