जयपुर| जयपुरिया अस्पताल में अधीक्षक और विभागाध्यक्ष के बीच चल रही खींचतान के चलते शुक्रवार को दो मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो सके। अधीक्षक ने गुरुवार को यह आदेश दिए थे कि ऑर्थो में सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही ऑपरेशन होंगे। गुरुवार रात को इन दोनों मरीजों को ऑपरेशन के लिए कह दिया गया था। दिनभर ये भूखे-प्यासे ऑपरेशन के इंतजार में बैठे रहे।
अधीक्षक-विभागाध्यक्ष से सवाल-जवाब
Q. आखिर सात दिन ऑपरेशन में क्या दिक्कत आ रही है?
-डॉ. रेखा सिंह सभी जगह नियम है कि डॉक्टर ओपीडी करेगा और केस आने के अगले दिनों में सर्जरी करेगा। डॉ. अनिल 7 दिन ओटी में रहते हैं। ओपीडी नहीं करते तो ओटी के मरीज कहां से आते हैं? डॉ. अनिल ने पिछले 15 दिन में 2 बजे बाद 16 मरीज भर्ती किए, लेकिन ऑपरेशन उस दिन नहीं किया।
-डॉ. अनिल गुप्ता मैं अकेला ही ऑपरेशन नहीं करता। और भी डॉक्टर हैं। मैं ओपीडी में ही रहता हूं। बस, कई बार पास के ही ऑर्थो ओपीडी रूम में चले जाते हैं। इमरजेंसी मरीज को भर्ती करना ही पड़ेगा। आर्थो में जरूरी नहीं कि उसी दिन ऑपरेशन करें।
बड़ा सवाल- इमरजेंसी केस में क्या होता है, शुक्रवार को भी ऑपरेशन नहीं हुए
डॉ. रेखा सिंह- इमरजेंसी के आर्थो ऑपरेशन किए ही नहीं जा रहे हैं। शुक्रवार को यदि ऑपरेशन होने थे तो डॉ. अनिल को मुझसे बात करनी चाहिए थी।
डॉ. अनिल- कुछ इंटरनली मेटर होते हैं। अधीक्षक को जवाब प्रेषित कर दिया है।