पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • अशोक परनामी की सक्रियता ने भाजपा नेताओं को चौंकाया

अशोक परनामी की सक्रियता ने भाजपा नेताओं को चौंकाया

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भले ही एक माह पहले अध्यक्ष पद से अशोक परनामी का इस्तीफा लिए जाने के बाद केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के बीच नए अध्यक्ष के नाम पर रस्साकशी चल रही है लेकिन शुक्रवार को बूथ रिवेरिफिकेशन को लेकर बुलाई गई प्रदेश स्तरीय बैठक में परनामी की सक्रियता भाजपा नेताओं को चौंका गई। हालांकि बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की लेकिन इसमें अशोक परनामी को भी बुलाया गया। बैठक के बाद परनामी ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस भी की और इसे लेकर पार्टी का प्रेस नोट भी परनामी के हवाले से ही जारी किया गया। हालांकि प्रेस नोट में परनामी को निवर्तमान अध्यक्ष ही बताया गया। इस बीच कहा जा रहा है कि नया प्रदेशाध्यक्ष नहीं होने से परनामी को न्योता दिया गया, क्योंकि बूथ पदाधिकारियों का मनोनयन उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था। बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) चन्द्रशेखर, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश मंत्री मुकेश दाधीच के अलावा प्रदेश भर से आए करीब 100 पदाधिकारी मौजूद थे। हालांकि सभी 41 जिलाध्यक्षों को बुलाया गया था लेकिन बैठक में महज 11 जिलाध्यक्ष ही पहुंच पाए।

सीएम ने कहा बूथ कमजोर, इसलिए रिवेरिफिकेशन होगा

बैठक में मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि वे प्रदेश में जहां-जहां भी दौरे पर जा रही हैं वहां बूथ कमेटियां काफी कमजोर हैं। ज्यादातर जगह तो बूथ कमेटियां सक्रिय ही नहीं है। उपचुनावों के दौरान भी कई बूथों पर पार्टी को कार्यकर्ता ही नहीं मिले थे। चुनावों से पहले इन कमेटियों को फिर से एक्टिव किया जाएगा। इसके लिए राजे ने इन बूथों का रिवेरिफिकेशन किए जाने के लिए कहा है ताकि यह पता चल सके कि कितने बूथ वास्तव में सक्रिय हैं। सीएम ने कहा कि बूथ समिति में महत्वपूर्ण भूमिका कार्यकर्ता की ही है। ‘‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’’ कार्यक्रम चलाकर बूथ स्तर पर सभी क्षेत्रों में कार्य करने वाले आमजन को सूचीबद्ध कर सम्पर्क करना चाहिए। बूथ स्तर पर प्रोफेशनल्स, महिलाऐं, युवा एवं सभी वर्गों में जाकर बातचीत करना चाहिए। भाजपा के 200 कार्यकर्ता 200 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिन रहकर बूथ मजबूती पर विशेष कार्यक्रम में योगदान देंगे। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए परनामी ने कहा कि पार्टी ने पिछले डेढ़ साल में पूरे प्रदेश में बूथ का निर्माण कर लिया है। उन सभी लगभग 51,227 बूथों पर सत्यापन का कार्य होगा। बूथ पर जाकर कार्यकर्ता फीडबैक लेने का काम करेंगे, जिससे बूथ की स्थिति का पता चल सकेगा। 5 मंडलों पर एक प्रमुख कार्यकर्ता को बूथ रिवेरिफिकेशन की जिम्मेदारी दी जाएगी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) चन्द्रशेखर ने कांग्रेसी एवं विपक्षी दलों के द्वारा भ्रम का नकारात्मक वातावरण फैलाया जा रहा है, उसे समाप्त करने के लिए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर की मजबूती पर पकड़ बनानी होगी। सभी कार्यकर्ताओं को बूथ मजबूत करना है।

बूथ रिवेरिफिकेशन को लेकर सीएम ने भाजपा कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक में परनामी को भी बुलाया

पॉलिटिकल रिपोर्टर.जयपुर

भले ही एक माह पहले अध्यक्ष पद से अशोक परनामी का इस्तीफा लिए जाने के बाद केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के बीच नए अध्यक्ष के नाम पर रस्साकशी चल रही है लेकिन शुक्रवार को बूथ रिवेरिफिकेशन को लेकर बुलाई गई प्रदेश स्तरीय बैठक में परनामी की सक्रियता भाजपा नेताओं को चौंका गई। हालांकि बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की लेकिन इसमें अशोक परनामी को भी बुलाया गया। बैठक के बाद परनामी ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस भी की और इसे लेकर पार्टी का प्रेस नोट भी परनामी के हवाले से ही जारी किया गया। हालांकि प्रेस नोट में परनामी को निवर्तमान अध्यक्ष ही बताया गया। इस बीच कहा जा रहा है कि नया प्रदेशाध्यक्ष नहीं होने से परनामी को न्योता दिया गया, क्योंकि बूथ पदाधिकारियों का मनोनयन उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था। बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) चन्द्रशेखर, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश मंत्री मुकेश दाधीच के अलावा प्रदेश भर से आए करीब 100 पदाधिकारी मौजूद थे। हालांकि सभी 41 जिलाध्यक्षों को बुलाया गया था लेकिन बैठक में महज 11 जिलाध्यक्ष ही पहुंच पाए।

सीएम ने कहा बूथ कमजोर, इसलिए रिवेरिफिकेशन होगा

बैठक में मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि वे प्रदेश में जहां-जहां भी दौरे पर जा रही हैं वहां बूथ कमेटियां काफी कमजोर हैं। ज्यादातर जगह तो बूथ कमेटियां सक्रिय ही नहीं है। उपचुनावों के दौरान भी कई बूथों पर पार्टी को कार्यकर्ता ही नहीं मिले थे। चुनावों से पहले इन कमेटियों को फिर से एक्टिव किया जाएगा। इसके लिए राजे ने इन बूथों का रिवेरिफिकेशन किए जाने के लिए कहा है ताकि यह पता चल सके कि कितने बूथ वास्तव में सक्रिय हैं। सीएम ने कहा कि बूथ समिति में महत्वपूर्ण भूमिका कार्यकर्ता की ही है। ‘‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’’ कार्यक्रम चलाकर बूथ स्तर पर सभी क्षेत्रों में कार्य करने वाले आमजन को सूचीबद्ध कर सम्पर्क करना चाहिए। बूथ स्तर पर प्रोफेशनल्स, महिलाऐं, युवा एवं सभी वर्गों में जाकर बातचीत करना चाहिए। भाजपा के 200 कार्यकर्ता 200 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिन रहकर बूथ मजबूती पर विशेष कार्यक्रम में योगदान देंगे। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए परनामी ने कहा कि पार्टी ने पिछले डेढ़ साल में पूरे प्रदेश में बूथ का निर्माण कर लिया है। उन सभी लगभग 51,227 बूथों पर सत्यापन का कार्य होगा। बूथ पर जाकर कार्यकर्ता फीडबैक लेने का काम करेंगे, जिससे बूथ की स्थिति का पता चल सकेगा। 5 मंडलों पर एक प्रमुख कार्यकर्ता को बूथ रिवेरिफिकेशन की जिम्मेदारी दी जाएगी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) चन्द्रशेखर ने कांग्रेसी एवं विपक्षी दलों के द्वारा भ्रम का नकारात्मक वातावरण फैलाया जा रहा है, उसे समाप्त करने के लिए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर की मजबूती पर पकड़ बनानी होगी। सभी कार्यकर्ताओं को बूथ मजबूत करना है।

खबरें और भी हैं...